नए वीडियो में कंगना ने मीडिया पर साधा निशाना, कॉजपा के साथ तीखी बयानबाजी

राष्ट्रीय
Spread the love

नयी दिल्ली: 29 जुलाई (ए)) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता एवं सांसद कंगना रनौत ने हालिया छात्र आंदोलन के खिलाफ बुधवार को तल्ख टिप्पणी करते हुए ‘जेन जेड’ प्रदर्शनकारियों के लिए ‘‘फेमी-नाजी’’ और ‘‘गटर छाप’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के साथ उनकी जुबानी जंग देखने को मिली।

अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चित रनौत ने परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर कॉजपा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों को निशाना बनाकर कई पोस्ट और बयानों से बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने ‘जेन जेड’ को ‘‘जेनरेशन गटर’’ बताया और कहा कि उनकी रील्स को देखकर ‘‘घिन’’ आती है। कंगना ने पूछा कि ‘‘इन्हें कौन पैदा कर रहा है और कौन पाल-पोस रहा है?’’।

इन टिप्पणियों के बाद रनौत विवाद के केंद्र में आ गईं और विपक्षी सांसदों समेत कई लोगों ने उनकी कड़ी आलोचना की।

आज ‘इंस्टाग्राम’ पर एक सेल्फी वीडियो में हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद ने उन पर हमला करने के लिए मीडिया को निशाना बनाया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनसे कहा कि वे कुछ प्रदर्शनकारियों के ‘गटर छाप’, अनैतिक और अश्लील व्यवहार को सामान्य नहीं बनाएं। वे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के सामने सड़कों पर ऐसा कर रहे थे। हम समाज में इसे स्वीकार नहीं कर सकते।’’

सांसद ने कहा, ‘‘हम नहीं चाहते कि हमारे बच्चों को यौन विषयों से इस तरह जोड़ा जाए और उन्हें अपने बुजुर्गों के सामने शर्मिंदगी महसूस हो। हम इस तरह के व्यवहार को स्वीकार नहीं कर सकते।’’

कंगना रनौत ने बातचीत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी जिक्र किया और कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा, ‘‘लोग प्रधानमंत्री को ‘एग्जाम बडी’ (परीक्षा का साथी) कहते हैं… कुछ उन्हें नेता मानते हैं। कुछ उन्हें दोस्त मानते हैं। कुछ उन्हें परिवार का सदस्य मानते हैं। कुछ उन्हें भगवान मानते हैं।’’

रनौत ने कहा, ‘‘इसी तरह, आप किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचा सकते। यह ‘कूल’ होना नहीं है। यह एक बुनियादी नागरिक समझ है। और अगर आप यह नहीं जानते हैं तो आपको सीखना होगा। इन ‘फेमी-नाजियों’ के प्रभाव में आकर अपनी जिदगी बर्बाद न करें।’’

‘एक्स’ पर उनके बयानों का विरोध करने वाली एक महिला एंकर को टैग करते हुए रनौत ने ‘एक्स’ पर एक ग्राफिक पोस्ट किया और महिला एंकर की आलोचना की।

अपनी टिप्पणियों को लेकर विवाद बढ़ने के बीच ‘‘विवादों की चहेती’’ कही जाने वाली रनौत के इस पोस्ट ने अब विवाद में एक नया पहलू जोड़ दिया।

कॉजपा प्रवक्ता सौरव दास और कंगना रनौत के बीच तीखी बयानबाजी पिछले दो दिन से जारी है।

रनौत के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए दास ने कहा कि उनकी भाषा अशोभनीय है। दास ने कंगना पर ‘कॉजपा लहर का लाभ लेने’ की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए उनकी मानसिक स्थिरता पर सवाल उठाए।

उन्होंने ‘ कहा, ‘‘ये शब्द किसी ऐसे व्यक्ति के नहीं लगते जो मानसिक रूप से स्थिर हो, क्योंकि आप युवाओं के बारे में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे। अगर आपके परिवार में कोई युवा है जो ‘जेन जेड’ या ‘जेन अल्फा’ या किसी भी पीढ़ी का है, तो क्या आप उनके लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करेंगे?’’

दास ने सांसद के तौर पर रनौत के कामकाज पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास कंगना रनौत के बारे में कहने के लिए बहुत कुछ नहीं है, उनकी अपनी पार्टी के सदस्य उन्हें गंभीरता से नहीं लेते।’’

कॉजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘कोई बात नहीं, मुझे लगता है कि वह कॉजपा लहर का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं। हमने पहले भी कहा है कि जो कोई भी मौजूदा आंदोलन से श्रेय लेना या शोहरत हासिल करना चाहता है, वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है और रनौत भी ऐसा कर सकती हैं।’’

रनौत ने इंस्टाग्राम पर एक नए पोस्ट के जरिए दास को जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अभी इस व्यक्ति के बारे में गूगल पर देखा और वह 28 साल का है। और वह खुद को छात्र बताता है। वह खुद को छात्र कैसे बताता है, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा!!’’

रनौत ने सांसद के तौर पर दास द्वारा उनके कामकाज की आलोचना किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भले ही वह राजनीति में नयी हों, लेकिन पिछले 20 साल से सार्वजनिक जीवन में हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी उम्र में मेरे पास दो राष्ट्रीय पुरस्कार थे। हां, एक नए सांसद के तौर पर मैं काम के बोझ से दबी हुई हूं क्योंकि मैं एक फिल्मकार, कलाकर, निर्माता, पटकथा लेखक और उद्यमी भी हूं। लेकिन उनके (दास) जैसा कोई व्यक्ति, जो पूरी तरह से बेकार और बेरोजगार है, वह कभी नहीं समझ पाएगा कि हर उम्र में और हर समय भारी मांग में रहने का क्या अभिप्राय होता है।’’

रनौत ने कहा, ‘‘प्रिय सौरव, तुम्हारी परेशानियां निजी हैं। तुम कोई छात्र नहीं हो; तुम बस बेकार हो। चलो, कोई हुनर ​​सीखने से शुरुआत करो। यह शुरुआत करने के लिए एक अच्छी जगह है।’’

यह जुबानी जंग कंगना रनौत द्वारा युवा प्रदर्शनकारियों को ‘जेनरेशन गटर’ कहे जाने और यह सवाल उठाए जाने पर कि ‘‘उन्हें कौन पैदा कर रहा है और पाल-पोस रहा है’’ के बाद शुरू हुई।

उन्होंने लिखा, “मैंने अपनी जिंदगी में कभी किसी एक जगह पर इतनी गंदगी नहीं देखी। जेन-जेड के विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े ये वीडियो देखकर उबकाई आती है। वे जिस तरह बात कर रहे हैं और जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, मैंने पहले कभी एक ही जगह पर इतनी गंदगी, इतनी अभद्रता नहीं देखी। इन्हें कौन पैदा कर रहा है और शह दे रहा है।”

रनौत ने एक अन्य पोस्ट में विरोध-प्रदर्शन में शामिल युवतियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान उनका व्यवहार “सबसे ज्यादा निंदनीय” था।

उन्होंने कहा, “जो महिलाएं सही मायने में स्वतंत्र होती हैं, वे कठोर फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, करियर में लीक से हटकर कदम उठाती हैं और अपने कार्यों के प्रति जवाबदेही भी प्रदर्शित करती हैं। उन्हें ऐसा करना ही पड़ता है, क्योंकि वे अपनी जिंदगी खुद जीती हैं। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।”

रनौत के बयानों की कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) समेत विपक्षी नेताओं और कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने आलोचना की। उन्होंने इन टिप्पणियों को असंवेदनशील और अपमानजनक बताया।

समाजवादी पार्टी की नेता एवं सांसद प्रिया सरोज ने ‘ कहा, ‘‘वह खुद संसद सदस्य हैं और उन्हें ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ‘जेन जेड’ इस देश का भविष्य है… और जब ‘जेन जेड’ सड़कों पर उतरता है, सवाल पूछता है और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाता है, तो उन्हें संवाद के जरिये जवाब दिया जाना चाहिए, अपमानित नहीं किया जाना चाहिए।’’

अभिनेता सोनू सूद ने कहा, ‘‘अगर उन्होंने ऐसा (गटर छाप) कहा है तो यह बेहद शर्मनाक है। उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था। बोलने से पहले हमेशा सोचना चाहिए। जनता ईश्वर का दूसरा रूप होती है।’’

कॉजपा के नेतृत्व में 20 जून को जंतर-मंतर से शुरू हुआ प्रदर्शन 25 जुलाई को समाप्त हो गया। सरकार ने प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें स्वीकार कर लीं, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल था।