वाराणसी (उप्र): छह अगस्त (ए) वाराणसी में अब भोर की पहली किरण के साथ ही शहर में शिव स्त्रोत की मधुर स्वर लहरियां गूजेंगी।
नगर निगम प्रशासन ने बताया कि महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में मंगलवार को स्मार्ट सिटी सभागार में हुई कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
नगर निगम के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि बैठक में यह तय हुआ है कि बुधवार से शहर के 55 प्रमुख चौराहों पर लगी जन संबोधन प्रणाली के जरिए सुबह साढ़े पांच से साढ़े छह बजे तक शिव स्त्रोत गूंजेगा।
शिव स्तोत्र भगवान शिव की महिमा, रूप, गुणों और शक्तियों की स्तुति में रचे गए पवित्र संस्कृत काव्य या मंत्र-समूह हैं, जिनका भोलेनाथ की प्रशंसा के लिए सस्वर पाठ किया जाता है।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बैठक में सावन और आगामी बाढ़ की आशंका को देखते हुए कार्यकारिणी ने नगर प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि साथ ही सावन के दौरान हर शिवालय और मंदिर परिसर के आसपास की व्यवस्था को प्लास्टिक मुक्त रखने का फैसला लिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि बैठक में कांवड़ियों के सुगम आगमन, विश्राम स्थलों के निर्माण और सार्वजनिक शौचालय की 24 घंटे निशुल्क व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
हिंदू धर्म के सबसे पवित्र शहरों में से एक वाराणसी सावन के महीने में लाखों भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से कांवड़िये भगवान शिव को पवित्र गंगाजल चढ़ाने के लिए काशी आते हैं।