कभी-कभी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर होते हैं सुरक्षाकर्मी: डीजीपी

पटना बिहार
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पटना: 14 अगस्त (ए) बिहार में हाल ही में हुईं अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ को लेकर जारी विवाद के बीच राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने शुक्रवार को कहा कि अपराधियों के साथ आमना-सामना होने पर सुरक्षाकर्मी कई बार आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होते हैं।

पटना में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान डीजीपी ने कहा कि पुलिसकर्मी मानक प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करते हैं, लेकिन मुठभेड़ के दौरान कई बार संदिग्धों की ओर से गोलीबारी शुरू किए जाने पर अपनी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को जवाब देना पड़ता है।

हालांकि, डीजीपी ने किसी विशेष घटना का उल्लेख नहीं किया।

उन्होंने हालिया मुठभेड़ के मामलों में पुलिस की भूमिका को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में पत्रकरों से यह बात कही।

उनकी टिप्पणी करीब दो महीने पहले भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की कथित मुठभेड़ में मौत को लेकर उठे राजनीतिक विवाद के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कुमार ने कहा, “जहां भी पुलिस की ज्यादती का पता चलता है, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाती है।”

बिहार के सीवान जिले में 22 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित तौर पर एके-47 के इस्तेमाल के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि संबंधित पुलिस अधिकारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया था और मामले की जांच जारी है।

प्रेस वार्ता में मौजूद गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने बताया कि इस साल की शुरुआत से राज्य में हत्या के मामलों में 10.1 प्रतिशत, डकैती में 31.32 प्रतिशत और दंगा के मामलों में 18.97 प्रतिशत की कमी आई है।

उन्होंने कहा कि बिहार में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 2013 में 22 थी, जो अब घटकर शून्य रह गई है।

डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि सरकार का जोर केवल नक्सलवाद को खत्म करने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं का विकास करने पर भी है, ताकि नक्सलवाद के फिर से उभरने की कोई गुंजाइश न रहे।

प्रणव कुमार ने कहा कि बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने 2026 की शुरुआत से अब तक सरकारी सेवकों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के 13 मामले दर्ज किए हैं।

उन्होंने बताया कि नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में चार मामलों में कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस साल साइबर अपराध से संबंधित 1.14 लाख ऑनलाइन शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज हुई हैं।

कुमार ने कहा कि संदिग्ध खातों में जमा 104 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की गई है जबकि 9.99 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए हैं और शेष राशि के संबंध में कार्रवाई जारी है।

सचिव ने बताया कि इस साल अब तक 522 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि साइबर पुलिस थानों में साइबर अपराध के 2,942 मामले दर्ज किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि डायल-112 की औसत प्रतिक्रिया अवधि घटकर 11 मिनट रह गई है और इसमें लगातार सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रणव कुमार ने कहा, “महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर ‘अभया ब्रिगेड’ का गठन किया गया है।”

उन्होंने बताया कि ब्रिगेड की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार 1,500 स्कूटी खरीदने की प्रक्रिया में है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।