अशोकधाम मंदिर में भगदड़, सात श्रद्धालुओं की मौत,कई घायल 

बिहार लखीसराय
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लखीसराय, 17 अगस्त (ए) । बिहार के लखीसराय जिले में प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर के पास सोमवार सुबह भगदड़ में कम से कम सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि 14 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना मंदिर के समीप स्थित अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण हुई।

सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचे थे। लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने ‘ बताया, “सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन के पास भगदड़ में कम से कम सात श्रद्धालुओं की मौत हो गयी जबकि 14 अन्य घायल हो गए। भीड़ के दबाव में बैरिकेडिंग का एक हिस्सा टूट गया, जिससे लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे और भगदड़ मच गई।”उन्होंने बताया कि सुरक्षा कर्मी और जिला प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं तथा बचाव एवं राहत कार्य जारी है। सभी घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि अधिकारी मृतकों और घायलों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भगदड़ में श्रद्धालुओं की मौत पर शोक व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि लखीसराय के अशोक धाम में हुई घटना बेहद दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने हादसे में श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों को उचित और तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को बिहार के लखीसराय में अशोकधाम मंदिर में भगदड़ जैसी घटना में सात श्रद्धालुओं की मौत पर दुख जताया। X पर एक पोस्ट में, नीतीश कुमार ने इस घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि वे लोगों की मौत से बहुत दुखी हैं। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़ की घटना बेहद दुखद है। इस हादसे में श्रद्धालुओं की मौत की खबर सुनकर मेरा दिल टूट गया है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया और जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। राजनाथ सिंह ने कहा, “बिहार के लखीसराय में अशोक धाम मंदिर में भगदड़ के कारण हुई मौतों से मैं बहुत दुखी हूं। इस दिल दहला देने वाली घटना में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।” उन्होंने इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों को हिम्मत और धैर्य देने की भी प्रार्थना की।

यह घटना सावन के तीसरे सोमवार को हुई, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने के लिए अशोकधाम पहुंचे थे। सात लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। खबरों के मुताबिक, भीड़ के अचानक बढ़ने से अशोकधाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि श्रद्धालु रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली कतारों में खड़े थे, तभी पास में दो ट्रेनें रुकीं। बिजली का खंभा गिरने और करंट फैलने की अफवाह से वहां मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई।

जब लोगों ने वहां से हटने की कोशिश की, तो भीड़ वाली कतारों में दबाव बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि महिलाओं की कतार में लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े, जिससे दुखद रूप से लोगों की जान चली गई। इलाके में पुलिस, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन कर्मियों को तैनात किया गया और तुरंत बचाव और राहत कार्य शुरू किए गए। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल, लखीसराय ले जाया गया। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि राज्य सरकार इस घटना में मारे गए लोगों के निकटतम आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देगी। उन्होंने कहा कि सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भीड़ अचानक बढ़ गई थी और बिजली के तार या खंभे को लेकर फैली अफवाह से घबराहट फैल गई, जिसके कारण भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस त्रासदी ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, खासकर सावन के दौरान जब प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

अशोकधाम, जिसे इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, लखीसराय में शिव का एक महत्वपूर्ण मंदिर है और सावन के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। सावन का तीसरा सोमवार श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसके कारण राज्य भर के मंदिरों में भारी भीड़ होती है। अधिकारी स्थिति का जायजा ले रहे हैं और घटना के सही कारणों की जांच कर रहे हैं, जबकि चिकित्सा दल घायलों का इलाज कर रहे हैं