प्रयागराज में जलभराव से रामबाग स्टेशन पर ट्रेनों का परिचालन फिलहाल निलंबित

उत्तर प्रदेश प्रयागराज
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प्रयागराज (उप्र): 20 अगस्त (प्रयागराज (उप्र): 20 अगस्त (ए) पिछले कई दिनों से संगम नगरी प्रयागराज में हो रही मूसलाधार वर्षा से उत्तर पूर्व रेलवे (एनईआर) के रामबाग स्टेशन पर ट्रैक पर जलभराव होने से इस स्टेशन से प्रारंभ और समाप्त होने वाली ट्रेनों का परिचालन झूंसी स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया है।उत्तर पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि रामबाग रेलवे स्टेशन पर जलभराव होने के चलते यहां से प्रारंभ और समाप्त होने वाली ट्रेनों का परिचालन झूंसी स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया है।उन्होंने कहा, “पिछले 24 घंटे में हुई भारी बारिश से पूरा प्रयागराज शहर ही डूबा हुआ है और रामबाग स्टेशन निचले इलाके में स्थित होने के कारण वहां यार्ड में पानी भरा हुआ है। पानी निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पानी वापस आ जा रहा है।”कुमार ने कहा कि पानी निकालने की कोशिश लगातार जारी है तथा रामबाग स्टेशन से प्रारंभ एवं समाप्त होने वाली चार पैसेंजर ट्रेनें अल्पकाल के लिए झूंसी से प्रारंभ और समाप्त हो रही हैं।उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संगम नगरी में बाढ़ की समस्या पर चिंता जाहिर करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘प्रयागराज में बारिश के दौरान जलभराव से नगरवासियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कारण चाहे जो भी हो, जनहित में इसका स्थायी समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित किया जाए। समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए होते तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग तत्काल प्रभावी कार्रवाई करें तथा भविष्य में ऐसे संकट की पुनरावृत्ति रोकने के ठोस उपाय सुनिश्चित करें।’’प्रयागराज में एक मकान में जलभराव की तस्वीर ‘एक्स’ पर साझा करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘ये हैं प्रयागराज के गंभीर हालात। कोई और हो तो एक लाख करोड़ रुपये प्रयागराज के विकास के नाम पर डकार जाने के बाद वहां हजारों घरों का ये जलमग्न हाल देखकर शर्मिंदगी से सत्ता ही छोड़ दे।’’अखिलेश ने लिखा है, ‘‘जनाब, नाम बदलने से कुछ नहीं होता, बदलिए अपना भ्रष्ट काम और नीयत, लेकिन अब वह भी नहीं बदलेगी। इसलिए अब उत्तर प्रदेश और देश की जनता भाजपा सरकार ही हमेशा के लिए बदल देगी।’’उन्होंने कहा, “भाजपा जाएगी तो फिर कभी नहीं आएगी। बाढ़ के हवा-हवाई सर्वेक्षण से काम नहीं चलेगा। अगर हिम्मत है तो सड़कों पर उतरकर जनता का सामना कीजिए। आपने जो सात-आठ हजार करोड़ रुपये लिखा-पढ़ी में और 20,000 करोड़ रुपये बिना लिखा-पढ़ी के अपने छवि निर्माण और अपने को दिव्य दिखाने के लिए द्रव्य के रूप में बहाए हैं, उनसे आपकी कितनी छवि बनी है, उसका सच आपको पता चल जाएगा।’’उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डाक्टर शिवम शर्मा ने कहा कि प्रयागराज में वर्षा से एनसीआर के प्रयागराज जंक्शन, नैनी और छिवकी स्टेशनों पर किसी तरह के जलभराव की सूचना नहीं है तथा सभी ट्रेनें अपने समय पर चल रही हैं।प्रयागराज में पिछले कई दिनों से जारी भारी वर्षा से नगर के ज्यादातर निचले इलाके जलमग्न हैं और जिला प्रशासन एवं नगर निगम जल निकासी के प्रयासों में लगे हुए हैं।इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी शहर में जलभराव की समस्या का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम को फटकार लगायी है तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। .

उत्तर पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने ‘ बताया कि रामबाग रेलवे स्टेशन पर जलभराव होने के चलते यहां से प्रारंभ और समाप्त होने वाली ट्रेनों का परिचालन झूंसी स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया है।

उन्होंने कहा, “पिछले 24 घंटे में हुई भारी बारिश से पूरा प्रयागराज शहर ही डूबा हुआ है और रामबाग स्टेशन निचले इलाके में स्थित होने के कारण वहां यार्ड में पानी भरा हुआ है। पानी निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पानी वापस आ जा रहा है।”

कुमार ने कहा कि पानी निकालने की कोशिश लगातार जारी है तथा रामबाग स्टेशन से प्रारंभ एवं समाप्त होने वाली चार पैसेंजर ट्रेनें अल्पकाल के लिए झूंसी से प्रारंभ और समाप्त हो रही हैं।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संगम नगरी में बाढ़ की समस्या पर चिंता जाहिर करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘प्रयागराज में बारिश के दौरान जलभराव से नगरवासियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कारण चाहे जो भी हो, जनहित में इसका स्थायी समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित किया जाए। समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए होते तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग तत्काल प्रभावी कार्रवाई करें तथा भविष्य में ऐसे संकट की पुनरावृत्ति रोकने के ठोस उपाय सुनिश्चित करें।’’

प्रयागराज में एक मकान में जलभराव की तस्वीर ‘एक्स’ पर साझा करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘ये हैं प्रयागराज के गंभीर हालात। कोई और हो तो एक लाख करोड़ रुपये प्रयागराज के विकास के नाम पर डकार जाने के बाद वहां हजारों घरों का ये जलमग्न हाल देखकर शर्मिंदगी से सत्ता ही छोड़ दे।’’

अखिलेश ने लिखा है, ‘‘जनाब, नाम बदलने से कुछ नहीं होता, बदलिए अपना भ्रष्ट काम और नीयत, लेकिन अब वह भी नहीं बदलेगी। इसलिए अब उत्तर प्रदेश और देश की जनता भाजपा सरकार ही हमेशा के लिए बदल देगी।’’

उन्होंने कहा, “भाजपा जाएगी तो फिर कभी नहीं आएगी। बाढ़ के हवा-हवाई सर्वेक्षण से काम नहीं चलेगा। अगर हिम्मत है तो सड़कों पर उतरकर जनता का सामना कीजिए। आपने जो सात-आठ हजार करोड़ रुपये लिखा-पढ़ी में और 20,000 करोड़ रुपये बिना लिखा-पढ़ी के अपने छवि निर्माण और अपने को दिव्य दिखाने के लिए द्रव्य के रूप में बहाए हैं, उनसे आपकी कितनी छवि बनी है, उसका सच आपको पता चल जाएगा।’’

उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डाक्टर शिवम शर्मा ने कहा कि प्रयागराज में वर्षा से एनसीआर के प्रयागराज जंक्शन, नैनी और छिवकी स्टेशनों पर किसी तरह के जलभराव की सूचना नहीं है तथा सभी ट्रेनें अपने समय पर चल रही हैं।

प्रयागराज में पिछले कई दिनों से जारी भारी वर्षा से नगर के ज्यादातर निचले इलाके जलमग्न हैं और जिला प्रशासन एवं नगर निगम जल निकासी के प्रयासों में लगे हुए हैं।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी शहर में जलभराव की समस्या का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम को फटकार लगायी है तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।