बीजिंग: 16 सितंबर (ए) ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को कहा कि अमेरिका के साथ संघर्ष जारी रखने में तेहरान रुचि नहीं रखता और कूटनीतिक समाधान की ओर लौटने को लेकर आशान्वित है। उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रम की जानकारी भी दी। ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण होर्मुज में पोत और तेल टैंकरों की आवाजाही पहले ही प्रभावित कर रखी है। इससे बड़े स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। अराघची का बीजिंग दौरा पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच हो रहा है। यमन के हूती की सैन्य बढ़त के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिन्हें आधिकारिक तौर पर अंसार अल्लाह के नाम से जाना जाता है। ईरान समर्थित यमनी राजनीतिक और सशस्त्र संगठन ने सऊदी अरब पर हमले तेज कर दिए हैं और लाल सागर में रणनीतिक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कर लिया है। ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों और तेल टैंकरों की आवाजाही पहले ही प्रभावित हुई है, जिससे व्यापक ऊर्जा संकट पैदा हो गया है।
अराघची का यह दौरा नयी दिल्ली में 12-13 सितंबर को हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर वांग और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ उनकी चर्चाओं के कुछ ही दिन बाद हो रहा है। अराघची शिखर सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ आए थे।
यह 2024 के बाद से अराघची की चीन की पांचवीं यात्रा है, जो तेहरान और बीजिंग के बीच करीबी संबंधों को दर्शाती है। बैठक के दौरान वांग ने कहा कि संघर्ष समाप्त करने के लिए ईरान और अमेरिका दोनों को इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर लौटना चाहिए।
चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बैठक के विवरण के अनुसार, उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष का लगातार लंबा खिंचना संबंधित पक्षों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हित में नहीं है।
वांग ने कहा कि चीन ईरान और अमेरिका से तर्कसंगत बने रहने और संयम बरतने, जल्द से जल्द एमओयू पर लौटने, अब तक बनी सहमति के आधार पर बातचीत की व्यवस्था को फिर से स्थापित करने और अपने-अपने हित के मुद्दों पर सार्थक विचार-विमर्श करने का आग्रह करता है।अराघची ने वांग को पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के हालिया घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि ईरान संघर्ष जारी रखने में रुचि नहीं रखता और अपने वैध अधिकारों की रक्षा करते हुए कूटनीतिक माध्यमों पर लौटने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि तेहरान अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन को अभी भी प्रभावी मानता है और उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की व्यवस्थाओं को लेकर ओमान के साथ समझौता किया है। उन्होंने वाशिंगटन से अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का भी आह्वान किया।
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि तेहरान इस ढांचे के तहत बीजिंग के साथ सहयोग को और गहरा करने के लिए तैयार है।वांग ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य और ईरान के व्यापक रणनीतिक साझेदार के रूप में चीन अंतरराष्ट्रीय विवादों के समाधान और ईरान के वैध अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है।
उन्होंने ईरान से क्षेत्रीय देशों के साथ बातचीत करने तथा उनकी क्षेत्रीय संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा का सम्मान करने का भी आह्वान किया।
अराघची ने कहा कि ईरान अच्छे पड़ोसी संबंध स्थापित करने और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने की दिशा में काम करने के लिए क्षेत्रीय देशों के साथ विचार-विमर्श करने को तैयार है।वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य प्रमुख मुद्दा रहा, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन का एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
बैठक के विवरण के अनुसार, वांग ने सभी पक्षों से जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द फिर से खोलने, सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने तथा वैश्विक ऊर्जा परिवहन और आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि संघर्ष आगे यमन और लाल सागर तक फैल सकता है। उन्होंने सभी पक्षों से ऐसे कदमों से बचने का आग्रह किया, जो स्थिति को और जटिल बना सकते हैं, तथा इसके बजाय बातचीत और वार्ता के जरिए विवादों को सुलझाने को कहा। वांग ने कहा कि हालिया घटनाक्रमों ने मौजूदा मध्य पूर्व सुरक्षा ढांचे की कमजोरियों को उजागर किया है और इसमें सुधार एवं मजबूती की जरूरत है।
उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान के प्रति बीजिंग की नीति ‘‘सुसंगत और स्थिर’’ बनी हुई है। उन्होंने कहा कि चीन बल प्रयोग का विरोध करेगा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद तथा अन्य बहुपक्षीय मंचों पर अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का पालन करेगा।
दोनों पक्षों ने साझा चिंता वाले अन्य अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
