लखनऊ: तीन अक्टूबर (ए) उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगामी चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने दो उम्मीदवारों को बदलते हुए शनिवार को डॉ. आकाश अग्रवाल और डॉ. संजयन त्रिपाठी के नामों की घोषणा की।
पार्टी ने डॉ. आकाश अग्रवाल को आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रकाश चंद्र गुप्ता के स्थान पर उम्मीदवार बनाया है, जबकि डॉ. संजयन त्रिपाठी को गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कमलेश यादव की जगह मैदान में उतारा गया है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में त्रिपाठी को औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल किया और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की। इससे महज दो दिन पहले भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद त्रिपाठी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था।
अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने पहले घोषित दोनों उम्मीदवारों की सहमति और सहयोग से डॉ. आकाश अग्रवाल और डॉ. संजयन त्रिपाठी को आगामी चुनाव में उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया है। मैं उन साथियों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने इनके लिए रास्ता बनाया और मुझे विश्वास है कि वे इन उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने में पूरा सहयोग करेंगे।’’
संजयन त्रिपाठी मौजूदा विधान परिषद चुनाव में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा का टिकट चाह रहे थे। हालांकि, पार्टी ने 30 सितंबर को मौजूदा विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी को फिर से उम्मीदवार बनाया, जिसके बाद संजयन ने निराशा जताई और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर गए।
नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने अपनी गाड़ी से भाजपा का झंडा भी हटा दिया, जिसकी स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा हुई।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद त्रिपाठी और वरिष्ठ सपा नेताओं के बीच बातचीत शुरू हो गई थी।
सपा के पहले के उम्मीदवार कमलेश यादव ने नामांकन पत्र के तीन सेट खरीदे थे और शनिवार को अपना नामांकन दाखिल करने की तैयारी कर रहे थे।
पार्टी द्वारा त्रिपाठी को उम्मीदवार घोषित किए जाने से पहले शुक्रवार रात उनका प्रस्तावित नामांकन कार्यक्रम रोक दिया गया था।
त्रिपाठी शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े संगठनों में सक्रिय रहे हैं और देवरिया के मठलार डिग्री कॉलेज में हिंदी विभाग के अध्यक्ष रह चुके हैं।
अखिलेश ने कहा कि पहले घोषित उम्मीदवार भी सपा के अन्य प्रत्याशियों का समर्थन करेंगे और उनकी जीत सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के तहत शिक्षा और परीक्षा दोनों व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई हैं।
अखिलेश ने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक प्रश्नपत्र लीक हुए हैं और भाजपा सरकार के तहत शिक्षा व्यवस्था सबसे अधिक खराब हुई है।’’
सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के सदस्य मतदाता पंजीकरण के दौरान बड़े पैमाने पर भेदभाव कर रहे हैं और अधिकारी भी उनका समर्थन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘स्कूल के चपरासियों को शिक्षक के रूप में दिखाया गया है और यहां तक कि जो शिक्षक नहीं हैं, उन्हें भी मतदाता के रूप में पंजीकृत किया गया है।’’
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के लिए सपा के अन्य उम्मीदवारों में मौजूदा विधान परिषद सदस्य लाल बिहारी यादव (मिर्जापुर-वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र), सुशील कुमार (लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र), दानिश अख्तर (मुरादाबाद-बरेली शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र), नितिन तोमर (मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र), मौजूदा विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा (वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र), डॉ. मान सिंह (झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र), शशांक यादव (आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र), परमिंदर भाटी (मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र) और कांति सिंह (लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र) शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव 23 अक्टूबर को होंगे और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख छह अक्टूबर है। सात अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और उम्मीदवार नौ अक्टूबर तक नाम वापस ले सकते हैं।
मतदान 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा और चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी हो जाएगी।
इन निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल छह दिसंबर को समाप्त होने वाला है, जिसके कारण ये चुनाव कराए जा रहे हैं।
