लखनऊ: चार अक्टूबर (ए) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीट बंटवारे पर अटकलों के बीच रविवार को कहा कि विपक्षी गठबंधन की जीत इसके दलों को मिलने वाली सीटों की संख्या से ज्यादा जरूरी है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण की रक्षा के लिए एकजुट होकर प्रयास करने की जरूरत है।
कांग्रेस की उप्र इकाई के नेतृत्व परिवर्तन को सीटों के बंटवारे में दबाव की राजनीति की अटकलों के तौर पर देखा जा रहा है।
सपा प्रमुख ने विपक्ष की एकजुटता पर जोर देते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट की शुरुआत शायराना अंदाज में करते हुए कहा, ‘‘मक़सद जब साफ़ हो तो हाथ-में-हाथ होता है! निगाह मंज़िल पर हो तो सफ़र आसान होता है!’’
उन्होंने कहा, ‘‘बात बड़ी ये नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है, बात बड़ी ये है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘फिर दोहराते हैं : बात सीट की नहीं जीत की है।’’
यादव ने कहा कि ये जीत विपक्षी गठबंधन के दलों से बढ़कर उस संयुक्त कोशिश की विजय होगी जो इसलिए लगातार संघर्षरत है कि साम्प्रदायिकता फिर कभी सिर न उठा सके।
