पणजी, आठ अक्टूबर (ए) दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने अपने आकस्मिक निधन से महज तीन दिन पहले गोवा में एक सामाजिक कार्यक्रम में कहा था कि हर किसी को एक दिन जाना है और ‘‘पता नहीं मैं कल यहां रहूंगा या नहीं।’’ तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि वह आज हमारे बीच नहीं होंगे।
पाटेकर ने चार अक्टूबर को गोवा में पणजी के निकट डोना पाउला में आयोजित ‘सम्राट क्लब इंटरनेशनल’ के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही थी। इस दौरान उन्होंने अपने मित्र और गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर को भी याद किया था।
पाटेकर ने कहा था, ‘‘हम सभी को एक दिन जाना है। पता नहीं मैं कल यहां रहूंगा या नहीं। यह समय हर किसी के जीवन में आता है। लेकिन वह समय आने से पहले हमें यह सोचना चाहिए कि क्या मैं वह कर पा रहा हूं जो मैं करना चाहता हूं? क्या मैंने प्रयास किया है?’’
नाना पाटेकर का 76 वर्ष की उम्र में बृहस्पतिवार तड़के गोवा में निधन हो गया। आशंका है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा। शव को पोस्टमार्टम के लिए पणजी के निकट गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया है।
रविवार को डोना पाउला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाटेकर ने पूर्व मुख्यमंत्री पर्रिकर को अपना मित्र बताते हुए उन्हें याद किया। उन्होंने कहा था, ‘‘पर्रिकर ऐसे व्यक्ति थे, जिन पर गर्व किया जा सकता है। वह मुझसे छोटे थे। मैं अब 76 साल का हूं और 77 का होने वाला हूं। लेकिन वह इतने महान व्यक्ति थे कि उन्हें देखकर सम्मान से सिर झुक जाता था।’’
उन्होंने कहा था, ‘‘हम सौभाग्यशाली हैं कि ऐसे व्यक्ति का जन्म यहां हुआ। ये ऐसे लोग थे जिन्होंने अपना जीवन इस तरह जिया, मानो उन्होंने कोई मिशन अपने हाथ में लिया हो।’’
पाटेकर ने कहा था कि दुनिया से विदा होने से पहले इतना कुछ हासिल करने के लिए व्यक्ति में उस तरह का जुनून होना जरूरी है।
रविवार को कार्यक्रम के बाद पाटेकर ने स्थानीय कलाकारों के साथ पारंपरिक वाद्य यंत्र ‘शामेल’ बजाया और गोवा की स्थानीय कला ‘देखणी’ नृत्य में भी हिस्सा लिया था।
