चंडीगढ़: 13 अक्टूबर (ए) पंजाब के मानसा जिले में मंगलवार को एक मेडिकल स्टोर मालिक ने मादक पदार्थों की तस्करी का खुलासा करने वाले एक कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि कार्यकर्ता दवा की दुकानों पर मादक पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाता था।
पुलिस मेडिकल स्टोर मालिक अश्वनी कुमार की तलाश कर रही है। उस पर आरोप है कि उसने कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ झोटा और उसके साथियों पर गोली चलाई। बताया जा रहा है कि वह इस बात से नाराज था कि उन्होंने उसे एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशे की दवाइयां बेचने के लिए टोका था।
इस घटना के बाद मानसा शहर में तनाव बढ़ गया, क्योंकि कार्यकर्ता के समर्थकों ने दवा की दुकान में तोड़-फोड़ की, जबकि झोटा के परिवार ने विरोध स्वरूप उनके शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। सिविल अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जहां उनका शव रखा गया है।
इस हत्या की राजनीतिक नेताओं ने कड़ी निंदा की और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा।
आरोपी अश्वनी कुमार वही व्यक्ति है जिसे 2023 में झोटा और उसके समर्थकों ने जूतों की माला पहनाकर बाजार में घुमाया था। यह घटना तब हुई थी जब एक व्यक्ति को प्रतिबंधित कैप्सूल के साथ पकड़ा गया था, जो कथित तौर पर झोटा की दवा की दुकान से लिए गए थे। उस समय अश्वनी कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जबकि झोटा पर मारपीट और जबरदस्ती दुकान में घुसने का मामला दर्ज किया गया था।
पत्रकारों से बात करते हुए, कार्यकर्ता के पिता ने आम आदमी पार्टी सरकार की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि राज्य में खुलेआम मादक पदार्थ बेचे जाते हैं और उनके बेटे की हत्या इस बुराई के खिलाफ लड़ते हुए कर दी गई।
झोटा के बुजुर्ग पिता ने संवाददाताओं से कहा, “उसकी हत्या मादक पदार्थ तस्करों ने की। हम भारत सरकार से पंजाब सरकार को बर्खास्त करने की मांग करते हैं। यहां खुलेआम मादक पदार्थ बेचे जाते हैं। मेरे बेटे परविंदर सिंह झोटा की हत्या मादक पदार्थ तस्करों ने की।”
उन्होंने कहा कि परिवार झोटा के शव का अंतिम संस्कार नहीं करेगा और लोगों से मानसा में धरने के लिए इकट्ठा होने की अपील की।
पिता ने कहा, “मुझे दुख है कि मेरे बेटे की हत्या कर दी गई। उसने हजारों जानें बचाई थीं।”
पुलिस ने बताया कि मंगलवार को यह घटना उस समय हुई, जब झोटा और कुछ अन्य लोग मानसा बाजार में दुकान के मालिक से एक व्यक्ति को कुछ मादक पदार्थ बेचने को लेकर सवाल कर रहे थे।
झोटा अपने मोबाइल फोन पर बहस की रिकॉर्डिंग भी कर रहे थे। इंटरनेट पर सामने आए पांच मिनट 49 सेकंड के एक वीडियो में झोटा को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मेडिकल स्टोर मालिक ने अपनी पिस्तौल निकाल ली है।
वीडियो में झोटा को दुकान के मालिक से यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘‘मार, मार, तू हमें गोली मार।’’
वीडियो में सुना जा सकता है कि झोटा, अश्वनी कुमार से कहते हैं कि उस बुज़ुर्ग व्यक्ति ने उनकी दुकान से कुछ दवाइयां खरीदी थीं। जब दुकानदार उस बुज़ुर्ग व्यक्ति से इस दावे के बारे में पूछता है, तो कार्यकर्ता कहते हैं कि उनके पास इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग है।
बहस के दौरान, झोटा दुकान के मालिक से पूछते हैं, “पिस्टल निकालने की क्या जरूरत है? क्या हमने आपसे कुछ कहा? इस बुज़ुर्ग व्यक्ति ने आपसे ही ये (दवाइयां) खरीदी हैं।”
वे आगे कहते हैं, “हम औषधि निरीक्षक को बुलाएंगे, अश्वनी (स्टोर के मालिक)। क्या हम आपसे कुछ कह रहे हैं? आप पिस्तौल नीचे रखिए। क्या हम आपको पीट रहे हैं?”वीडियो में झोटा कहता है, “उसने पिस्तौल पकड़ रखी है और मादक पदार्थ बेच रहा है!”
इसके बाद दुकान के मालिक ने कथित तौर पर गोली चला दी। इसके बाद झोटा और उनके साथी दुकान से बाहर आ गए।
एक अन्य वीडियो में मेडिकल स्टोर मालिक हथियार लहराते हुए दुकान से बाहर निकलता और जान बचाने के लिए भाग रहे झोटा का पीछा करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में हथियार लिए मेडिकल स्टोर संचालक को देखकर कई लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते नजर आ रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि बाद में झोटा पास की एक दुकान में खून से लथपथ पड़े मिले। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कार्यकर्ता को तीन गोलियां लगी थीं—दो पेट में और एक जांघ में—जबकि उनके चार साथी भी गोली लगने से घायल हो गए।
मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी सुबह करीब 10:30 बजे मिली। उन्होंने कहा कि दवा की दुकान के मालिक ने वारदात के लिए अपने लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल किया; साथ ही उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीमें बनाई गई हैं। इस बीच, स्टोर के मालिक को भागने में मदद करने वाले एक साथी को गिरफ़्तार कर लिया गया है।
डीआईजी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि हत्या “व्यक्तिगत दुश्मनी” के कारण हुई, जो 2023 की एक घटना के दौरान पीड़ित और आरोपी के बीच पैदा हुई थी।
इस घटना की व्यापक निंदा हो रही है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य सरकार और अन्य राजनीतिक दल मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।
आम आदमी पार्टी के नेता बलतेज पन्नू ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पन्नू ने कहा, “मानसा में हुई हत्या बेहद निंदनीय है। जानकारी मिल रही है कि यह हत्या केमिस्ट दुकान चलाने वाले व्यक्ति ने की है। पंजाब में किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति की निंदा करते हुए भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा।
‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि इस घटना ने पंजाब में “कानून-व्यवस्था की चिंताजनक स्थिति” को उजागर कर दिया है।
उन्होंने कहा, “अगर ड्रग माफिया से लड़ने वाले ही सुरक्षित नहीं हैं, तो पंजाब में कौन सुरक्षित है? पंजाब के लोगों को जवाब और जवाबदेही मिलनी चाहिए।”
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मानसा में मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ लड़ रहे परविंदर झोटा को गोली मार दी गई और बाद में उनकी मौत हो गई। भगवंत मान, क्या अब जो भी आवाज उठाने की हिम्मत करेगा, उसकी हत्या कर दी जाएगी? पंजाब के लोगों, एकजुट होइए और जवाब मांगिए। इस सरकार से इस्तीफे की मांग कीजिए!कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दिनदहाड़े झोटा की हत्या को कानून-व्यवस्था की “नाकामी” और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के “मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ की विफलता” का सीधा नतीजा बताया।
वड़िंग ने कहा, “परमिंदर ने पंजाब में मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन आप सरकार ने कभी भी उसकी पहल का समर्थन नहीं किया। दिनदहाड़े हुई उसकी हत्या आप सरकार की गंभीर नाकामियों को उजागर करती है।”
