नयी दिल्ली: 20 अक्टूबर (ए) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच के पुतले के दहन को लेकर दिल्ली में एक रामलीला के आयोजकों को ‘मुफ्त प्रचार’ के लिए धन्यवाद दिया।
हालांकि, कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि कॉकरोच का पुतला गंदगी का प्रतीक है और इसका उद्देश्य ‘स्वच्छ भारत’ और ‘स्वच्छ दिल्ली’ अभियानों के तहत स्वच्छता को बढ़ावा देना है।कॉजपा की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने इसे ‘तमाशा’ बताया।
पीतमपुरा में वार्षिक रामलीला का आयोजन करने वाली श्री केशव रामलीला समिति ने कहा है कि कॉकरोच का पुतला गंदगी का प्रतीक है और इसका उद्देश्य स्वच्छ भारत तथा स्वच्छ दिल्ली अभियान के तहत साफ-सफाई को बढ़ावा देना है।
समिति के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक अशोक गोयल ने कहा है कि यह फैसला राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित नहीं है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देने के साथ-साथ स्वच्छता के महत्व को उजागर करना है।
यह घटनाक्रम राष्ट्रीय राजधानी में कॉजपा के विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। कॉजपा ने शुरुआत में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया था और बाद में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में शामिल हुई थी।
कॉकरोच का पुतला जलाने के प्रस्ताव पर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए गए हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि समसामयिक राजनीतिक घटनाक्रम को त्योहार के पारंपरिक महत्व के साथ मिलाया जा रहा है।
