चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में 31 अक्टूबर तक भारी बारिश का अनुमान

राष्ट्रीय
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कोलकाता: 28 अक्टूबर (ए) चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 31 अक्टूबर तक भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को यह जानकारी दी।

आईएमडी के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में उठा यह चक्रवाती तूफान बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था।

विभाग ने बताया कि मंगलवार को पश्चिम बंगाल के तटीय और दक्षिणी जिलों के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई।

आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, राज्य के तटीय और पश्चिमी जिलों में शुक्रवार सुबह तक तथा उप-हिमालयी क्षेत्र में शनिवार तक भारी बारिश होने की संभावना है।

आईएमडी ने बताया कि यह मौसम प्रणाली बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश के तट से ‘अत्यंत भीषण’ चक्रवाती तूफान के रूप में टकराई थी। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर गति 125-135 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जबकि झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही थी। विभाग के अनुसार, तूफान के तट से टकराने की प्रक्रिया रात करीब एक बजकर 20 मिनट पर शुरू हुई।

आईएमडी ने कहा कि इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील होने की संभावना है।

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिलों के तटीय इलाकों में मंगलवार शाम से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है।

बुलेटिन के अनुसार, कोलकाता में मंगलवार शाम साढ़े पांच बजे से बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 19.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

विभाग ने बताया कि इस दौरान मेदिनीपुर शहर में 47 मिलीमीटर और कांथी में 35 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

लोकप्रिय समुद्र तटीय पर्यटन स्थल दीघा, मंदारमणि और शंकरपुर के समुद्र तटों पर बुधवार को बहुत कम लोग नजर आए। चक्रवात के मद्देनजर प्रशासन ने पर्यटकों से सतर्कता बरतने की अपील की।

आईएमडी ने बताया कि पूर्व मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा और पुरुलिया में शुक्रवार सुबह तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जैसे उप-हिमालयी जिलों में शनिवार सुबह तक भारी बारिश होने का अनुमान है।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि खराब मौसम के कारण कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आने और वहां से जाने वाली कई उड़ानें रद्द कर दी गईं या प्रभावित हुईं।

एहतियात के तौर पर मछुआरों को बृहस्पतिवार तक पश्चिम बंगाल के तट के पास और समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है।