पटना: 28 अक्टूबर (ए) बिहार विधान परिषद की आठ सीट पर हुए चुनाव में कई बड़े उलटफेर देखने को मिले जहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस के एक-एक सदस्य समेत पांच निवर्तमान विधान परिषद सदस्यों को हार का सामना करना पड़ा। वहीं, प्रशांत किशोर की नवगठित जन सुराज पार्टी ने उच्च सदन में अपनी पहली जीत दर्ज की।
विधान परिषद के लिए 23 अक्टूबर को हुए चुनाव की मतगणना मंगलवार से जारी थी। बुधवार को घोषित नतीजों के अनुसार, आठ सीट में से तीन पर भाजपा और दो पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। वहीं, विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद), राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और जन सुराज पार्टी को एक-एक सीट मिली।भाजपा के पांच बार के विधान परिषद सदस्य नवल किशोर यादव पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपनी सीट बचाने में नाकाम रहे। उन्हें राजद के डॉ. संजीव कुमार ने पराजित किया।
हालांकि, तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नरेंद्र प्रसाद सिंह ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के संजय कुमार सिंह को हराकर जीत दर्ज की। संजय कुमार सिंह को विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) के सभी घटक दलों का समर्थन प्राप्त था।परबत्ता के पूर्व विधायक संजीव कुमार ने भी विधान परिषद चुनाव में जीत दर्ज की। उन्होंने पिछले साल राजद के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन अपनी सीट बरकरार रखने में नाकाम रहे थे। इससे पहले उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जद(यू) छोड़कर राजद का दामन थाम लिया था।विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस के संजय यादव के मैदान में उतरने से ‘इंडिया’ गठबंधन के मतों में बिखराव की आशंका जताई जा रही थी। इसके बावजूद संजीव कुमार अपनी सीट जीतने में सफल रहे।
भाजपा के दो विधान परिषद सदस्य सर्वेश कुमार और एनके यादव ने क्रमशः दरभंगा स्नातक और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से अपनी सीट बरकरार रखी।दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के बीच खींचतान देखने को मिली। गठबंधन के मत राजद के अनिल झा, कांग्रेस के रजनीकांत पाठक और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के संदीप चौधरी के बीच बंट गए।
राजग की ओर से शेष चार सीट पर चुनाव लड़ रही जद(यू) को पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एकमात्र जीत मिली। पार्टी के नीरज कुमार ने लगातार चौथी बार इस सीट पर कब्जा बरकरार रखा।उन्होंने पार्टी के असंतुष्ट नेता अनंत कुमार सिंह की चुनौती को नाकाम कर दिया। मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने नीरज कुमार को हराने का ऐलान किया था और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया था। चुनाव के एक दिन बाद जद(यू) ने अनंत सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने में नाकाम रहे। इस सीट पर भाजपा छोड़कर जन सुराज पार्टी में शामिल हुए सुरेश प्रसाद राय ने जीत हासिल की।
राय ने 2020 में भाजपा के टिकट पर इस सीट से चुनाव लड़ा था। कुछ महीने पहले उन्होंने पाला बदल लिया था और इस बार प्रशांत किशोर की पार्टी के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे।उनकी जीत में ‘इंडिया’ गठबंधन के मतों का बिखराव अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि माकपा के रामदेव राय ने कांग्रेस के मतों में सेंध लगाई, जबकि जद(यू) के अपेक्षाकृत कम चर्चित उम्मीदवार घनश्याम राय मतदाताओं को आकर्षित करने में नाकाम रहे। वह चौथे स्थान पर रहे।कांग्रेस ने कुल पांच सीट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी का खाता नहीं खुल सका। बिहार की 75 सदस्यीय विधान परिषद में अब कांग्रेस के पास स्थानीय निकाय कोटे से बेगूसराय के विधान पार्षद राजीव कुमार के रूप में केवल एक सदस्य रह गया है।
भाजपा छोड़कर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे राहुल राज ने जन सुराज के निवर्तमान विधान परिषद सदस्य आफाक अहमद को करारी शिकस्त दी.आफाक अहमद ने 2021 में प्रशांत किशोर के समर्थन से यह सीट जीती थी। उस समय किशोर ने अपनी राजनीतिक पार्टी का गठन नहीं किया था।
इस बार जन सुराज पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे आफाक अहमद को आसान मुकाबले की उम्मीद थी। इसकी एक वजह जद(यू) के आनंद पुष्कर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राम पुकार सिन्हा के चुनाव लड़ने से राजग के मतों में बंटवारे के आसार थे। हालांकि, राहुल राज ने उन्हें पराजित कर दिया।एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार बंशीधर ब्रजवासी ने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपनी सीट बरकरार रखी। उन्होंने दो साल पहले हुए उपचुनाव में जद(यू) से यह सीट छीनी थी। उस उपचुनाव की आवश्यकता विधान परिषद के तत्कालीन सभापति देवेश चंद्र ठाकुर के सीतामढ़ी से लोकसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद पड़ी थी।इस बीच, बुधवार को दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतगणना केंद्र पर राजद और भाजपा उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। इसके बाद पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में ले लिया।
अधिकारियों के अनुसार, स्थिति को तत्काल नियंत्रण में ले लिया गया।
