वाशिंगटन: चार नवंबर (ए) अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में कई भारतीय-अमेरिकी ने शानदार प्रदर्शन किया है और समुदाय के पांच सदस्यों ने प्रतिनिधि सभा की सीट हासिल की, जबकि मेरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर ने एक और कार्यकाल हासिल किया।
भारतीय-अमेरिकी विजेताओं का परिचय इस प्रकार है:–
अमी बेरा
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डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद अमी बेरा (61) ने कैलिफोर्निया के तीसरे ‘कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट’ से जीत हासिल की।
डॉक्टर से राजनेता बने अमरीश बाबूलाल ‘‘अमी’’ बेरा अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अपने आठवें कार्यकाल के लिए चुने गए हैं। वह पहली बार 2012 में कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के लिए चुने गए थे।
गुजरात से आये प्रवासी माता-पिता के घर लॉस एंजिलिस में जन्मे बेरा ने कैलिफोर्निया के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की। उन्होंने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, इरविन से बायोलॉजिकल साइंसेज में स्नातक की उपाधि और डॉक्टर ऑफ मेडिसिन की डिग्री हासिल की।
सांसद बनने से पहले, उन्होंने 1999 से 2004 तक सैक्रामेंटो काउंटी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के रूप में काम किया और यूसी डेविस स्कूल ऑफ मेडिसिन में एक शैक्षणिक पद पर रहे।
सुहास सुब्रमण्यम
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डेमोक्रेटिक सांसद सुहास सुब्रमण्यम (40) वर्जीनिया के 10वें ‘कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट’ से फिर से चुने गए हैं।
सुब्रमण्यम पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं। ह्यूस्टन में जन्मे सुब्रमण्यम ने न्यू ऑरलियन्स के ट्यूलेन विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। वह पहली बार 2024 में संसद के लिए चुने गए थे। यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा।
उन्होंने ट्यूलेन विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि और नॉर्थवेस्टर्न विश्विद्यालय के प्रित्ज़कर स्कूल ऑफ़ लॉ से कानून की डिग्री हासिल की है।
उन्होंने अपने समुदाय में स्वयंसेवी अग्निशमन कर्मी और आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन के रूप में भी सेवा दी है।
रो खन्ना
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डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना (50) ने कैलिफोर्निया के 17वें ‘कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट’ से फिर से जीत हासिल की है, जिसमें सिलिकॉन वैली स्थित है।
फिलाडेल्फिया, पेन्सिलवेनिया में जन्मे खन्ना, प्रवासी भारतीय माता-पिता की संतान हैं। उनके पिता एक केमिकल इंजीनियर थे, जबकि उनकी मां विशेष जरूरतों वाले बच्चों की शिक्षिका थीं।
खन्ना की चुनाव प्रचार वेबसाइट के अनुसार, उनके दादा अमरनाथ विद्यालंकार स्वतंत्रता सेनानी थे और वह ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का विरोध करने के कारण चार साल जेल में रहे थे।
खन्ना ने रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी के साथ मिलकर, यौन उत्पीड़न के दोषी जेफरी एप्स्टीन से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने के लिए दबाव बनाया था।
प्रमिला जयपाल
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डेमोक्रेटिक सांसद प्रमिला जयपाल वाशिंगटन के 7वें ‘कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट’ से फिर से चुनी गई हैं। इस क्षेत्र में सिएटल का अधिकांश हिस्सा आता है।
जयपाल का जन्म 1965 में चेन्नई में हुआ था। वह जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने के लिए 16 साल की उम्र में अमेरिका चली गई थीं। बाद में उन्होंने नॉर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री हासिल की।
राजनीति में आने से पहले, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जन स्वास्थ्य और विकास के क्षेत्र में काम किया और वाशिंगटन प्रांत में प्रवासियों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था ‘वनअमेरिका’ की स्थापना की। वह पहली बार 2016 में सांसद चुनी गई थीं।
जयपाल अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सदस्य चुनी जाने वाली पहली दक्षिण एशियाई-अमेरिकी महिला हैं।
पिया डांडिया
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डेमोक्रेट पिया डांडिया फ्लोरिडा के 22वें ‘कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट’ से प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी गई हैं।
न्यूयॉर्क के एक उच्च विद्यालय में प्राचार्य रह चुकी डांडिया का जन्म और पालन-पोषण पाम बीच काउंटी में हुआ था। उनके माता-पिता भारत से आकर वहां बस गए थे।
उन्होंने व्हाइट हाउस फेलो के रूप में भी काम किया है। उन्होंने प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल में भी काम किया।
उनकी चुनाव प्रचार वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने एक उच्च विद्यालय की स्थापना की, जिसका उद्देश्य कम आय वाले परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा पाने में मदद करना है।
अरुणा मिलर
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डेमोक्रेट अरुणा मिलर (61) ने मेरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में एक और कार्यकाल हासिल किया है।
उनका जन्म आंध्र प्रदेश में हुआ था। वह सात साल की उम्र में अपने परिवार के साथ अमेरिका चली गई थीं। उन्होंने मिसौरी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की है।
राजनीति में आने से पहले, उन्होंने मोंटगोमरी काउंटी के परिवहन विभाग में 25 वर्ष तक सिविल और परिवहन इंजीनियर के रूप में काम किया।
