लखनऊ/वाराणसी (उप्र), सात नवंबर (ए) समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगियों पर हमेशा ‘‘कला और कलाकारों’’ के खिलाफ रहने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि ‘‘ये कट्टरपंथी रूढ़िवादी संकीर्ण मानसिकता वाले हैं’’।
यादव ने वाराणसी में शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के घर के एक हिस्से को कथित तौर पर ध्वस्त किए जाने का वीडियो साझा करते हुए यह टिप्पणी की।
उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘जिनके लिए शहनाई नहीं बजी, उनसे और क्या उम्मीद करना?”
हालांकि, वाराणसी नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि बिस्मिल्लाह खान के घर को नगर निगम द्वारा नहीं तोड़ा जा रहा है; बल्कि उनके परिवार के सदस्य खुद इसे तोड़ रहे हैं क्योंकि यह ढांचा जर्जर हो गया है।
बिस्मिल्लाह खान के परिवार वालों ने भी अखिलेश यादव के दावों को खारिज किया है।
अखिलेश यादव ने शनिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा और उनके संकीर्ण सोच के संगी-साथी ‘कला और कलाकारों’ के हमेशा खिलाफ रहते हैं क्योंकि इन पुरातनपंथी-रूढ़िवादियों की ये संकरी मानसिकता होती है कि रचनात्मक लोग ही समाज में परिवर्तन की भूमि और भूमिका बनाते हैं। सकारात्मक कला सहृदयता को जन्म देती है और सहनशीलता को भी। इसीलिए कला के हर रूप को ये अपने एजेंडे के रास्ते में रोड़ा मानते हैं या फिर कला को अपने एजेंडे के लिए इस्तेमाल करके उसको नकारात्मक बना देना चाहते हैं।’’
यादव ने कहा, ‘‘जिनके आगे ‘भारत रत्न’ लगा हो, उनकी मिलीजुली विरासत को ध्वस्त करना, उनके मान-सम्मान के साथ-साथ ‘भारत’ के मान को भी ध्वस्त करने के समान है।’’
उन्होंने दावा किया कि भाजपा नफरत की आग में जलकर देश को नुकसान पहुंचा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सरकार में आने पर हम ‘भारत रत्न बिस्मिल्लाह ख़ान’ जी की सांगीतिक धरोहर को बचाने के लिए ‘श्रवण-संग्रहालय’ बनाएंगे।’’
इस बीच, वाराणसी नगर निगम ने अखिलेश यादव के इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि सरकार बुलडोजर का इस्तेमाल करके ‘भारत रत्न’ बिस्मिल्लाह खान का घर तोड़ रही है।
एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि नगर निगम द्वारा इस संपत्ति को नहीं तोड़ा जा रहा है, बल्कि बिस्मिल्लाह खान के परिवार के सदस्य खुद ही इस घर को गिरा रहे हैं क्योंकि यह काफी जर्जर हो चुका है।
वाराणसी नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘वाराणसी नगर निगम ने शहर की जानी-मानी हस्तियों को सम्मानित करने के लिए एक परियोजना शुरू की है। इसमें उनके जीवन और योगदान को दर्शाने वाली थीम के आधार पर उनके घरों तक जाने वाली सड़कों को विकसित करना, और उनके घरों के एक कमरे को संग्रहालय में बदलना शामिल है।’’
श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘इस सिलसिले में, भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के परिवार के साथ उनके आवास पर एक संग्रहालय बनाने को लेकर बातचीत हुई थी। हालांकि, परिवार ने इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी। इमारत की जर्जर हालत का हवाला देते हुए, परिवार ने खुद ही इस ढांचे को गिराने और अपने स्तर पर इसका पुनर्विकास करने की इच्छा जताई।’उन्होंने बताया कि इसके बाद, परिवार ने खुद ही इमारत को गिरा दिया। श्रीवास्तव ने कहा कि चूंकि नगर निगम को इस परियोजना के लिए सहमति नहीं मिली थी, इसलिए न तो उसने संग्रहालय बनाने का काम किया और न ही इमारत को गिराने की प्रक्रिया में कोई भूमिका निभाई।
चौक पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला ने भी कहा कि संपत्ति के मालिक खुद ही घर को गिरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इमारत पुरानी और जर्जर हालत में है और नगर निगम ने पहले ही इसकी खराब स्थिति को लेकर एक नोटिस जारी किया था।
उन्होंने बताया कि संपत्ति के कुछ हिस्सों को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच आपसी विवाद था, जिसके चलते वे पुलिस स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन अब वह मामला सुलझ गया है और अब मालिक अपनी संपत्ति को खुद ही गिरा रहे हैं।
अखिलेश यादव के दावों को खारिज करते हुए बिस्मिल्लाह खान के पोते मोहम्मद सिब्तैन ने कहा, ‘‘हम परिवार की सहमति से पुनर्निर्माण का काम कर रहे हैं। हमें सरकार और प्रशासन से पूरा सहयोग मिल रहा है; इसमें किसी तरह का कोई दबाव या प्रशासनिक दखल नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि लगभग 90 साल पुराना यह घर बहुत जर्जर हो चुका था, तीनों मंजिल खराब हालत में थीं, पूरी इमारत लकड़ी के खंभों के सहारे टिकी थी।
उन्होंने कहा कि इसी वजह से पूरे परिवार ने इसे फिर से बनवाने का फैसला किया।
सिब्तैन ने कहा कि कुछ नेताओं ने वीडियो जारी करके सरकार पर जो आरोप लगाए हैं, वे पूरी तरह झूठे हैं और उन्होंने इसे सरकार को बदनाम करने की एक ‘‘सोची-समझी कोशिश’’ बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को गलतफहमी है कि सरकार बुलडोजर या हथौड़ों का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। निर्माण कार्य परिवार की पूरी सहमति से किया जा रहा है।’’
शहनाई वादक के पोते ने बताया कि पुनर्निर्माण के बाद, पहली मंजिल पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान से जुड़ी चीजों का एक संग्रहालय बनाया जाएगा।
