मुंबई: 26 जुलाई (ए)
) केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाने के लिए रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में बड़ी संख्या में युवा राष्ट्रीय ध्वज और संविधान के पोस्टर लेकर एकत्र हुए।
सुबह से हल्की बारिश के बावजूद ‘रेनकोट’ और छतरियों के साथ पहुंचे युवाओं के हाथों में भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार डॉ. भीमराव आंबेडकर के पोस्टर भी थे। उनके पास कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए ‘मीम’ के पोस्टर भी थे।
इन युवाओं में अधिकतर कॉलेज छात्र थे, जो शहर और आसपास के इलाकों से दादर रेलवे स्टेशन उतरने के बाद पैदल शिवाजी पार्क पहुंचे।
परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर कॉजपा के नेतृत्व में 36 दिन तक चले आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कॉजपा ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा की।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि युवाओं ने देश को ‘‘डर के माहौल’’ से बाहर निकाला है और उन्हें बधाई देने के लिए वे इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं।
सभा में शामिल कुछ लोगों ने कहा कि वे आंदोलनकारियों के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए शिवाजी पार्क आए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह लोकतंत्र की जीत है।’’
एक अन्य छात्रा ने कहा कि वह ‘‘नीट की तैयारी कर रहे 21 छात्रों’’ को श्रद्धांजलि देने आई है, जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी।
एक युवक ने कहा कि केवल एक मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की जरूरत है।
उसने कहा, ‘‘मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन सरकार हमारी इस जीत का श्रेय हमें नहीं देना चाहती।’’
इससे पहले दिल्ली में छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में पिछले कुछ दिनों से मुंबई के शिवाजी पार्क, दादर और चेंबूर क्षेत्रों में प्रदर्शन किए गए थे।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर कॉजपा के आंदोलन का समर्थन किया था।
शिवसेना (उबाठा) के विधायक आदित्य ठाकरे भी कुछ दिन पहले शिवाजी पार्क पहुंचे थे और उन्होंने छात्रों से 26 जुलाई के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया था।
शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ठाकरे परिवार ने कहा कि रविवार को प्रस्तावित ‘तिरंगा’ सभा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी, ताकि देशभर के युवाओं का आभार व्यक्त किया जा सके।
छात्रों और कॉजपा के समर्थकों के समर्थन में यह संयुक्त ‘तिरंगा’ मार्च शिवसेना (उबाठा) और मनसे द्वारा आयोजित किया गया है।