लखनऊ: 30 अक्टूबर (ए) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि वह ‘‘वोट चोरी’’ और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) की रैली में शामिल होंगे।
यादव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम एक नवंबर को जाएंगे और रैली में भी शामिल होंगे।’’
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाली इस रैली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी उठाई जाएगी।
सपा प्रमुख ने मतदाता पहचान पत्रों पर लगी तस्वीर की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में दर्ज तस्वीरें इतनी अस्पष्ट होती हैं कि एक व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान नहीं कर सकता।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज हर व्यक्ति अच्छी तस्वीर खिंचवाना चाहता है और मोबाइल फोन में भी बेहतर कैमरे उपलब्ध हैं, लेकिन निर्वाचन आयोग मतदाता पहचान पत्रों पर स्पष्ट तस्वीरें क्यों नहीं लगवा सकता।
यादव ने मतदाता सूचियों में सुधार के लिए व्यापक पुनरीक्षण और बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा स्तर पर बायोमेट्रिक मशीन उपलब्ध हैं और स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जा रहा है, ऐसे में मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए इस तकनीक का उपयोग क्यों नहीं किया जा सकता।
पूर्व मुख्यमंत्री ने लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट के नंदलाल निषाद और दशरथ के मामलों का उल्लेख करते हुए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए प्रपत्र जमा किए गए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीट (ईवीएम से चुनाव कराए जाने के बाद) जीतने पर भी हम मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग करेंगे।’’
सपा प्रमुख ने प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराध और लोगों के व्यक्तिगत आंकड़ों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई।
