मतदाता होना केवल संवैधानिक विशेषाधिकार नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण कर्तव्य है: प्रधानमंत्री मोदी

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नयी दिल्ली: 25 जनवरी (ए)) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेने का आग्रह करते हुए रविवार को कहा कि मतदाता होना केवल संवैधानिक विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक ऐसा महत्वपूर्ण कर्तव्य है जो प्रत्येक नागरिक को भारत के भविष्य को आकार देने में अपना मत रखने का अधिकार देता है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर ‘माय-भारत’ के स्वयंसेवकों को लिखे एक पत्र में उन्होंने मतदाताओं को भारत की विकास यात्रा का भाग्य विधाता बताया।उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने के प्रयासों के लिए भारत निर्वाचन आयोग से जुड़े सभी लोगों की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मतदाता होना केवल संवैधानिक विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण कर्तव्य है, जो प्रत्येक नागरिक को भारत के भविष्य को आकार देने में अपना मत रखने का अधिकार देता है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आइए, हमेशा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेकर अपने लोकतंत्र की भावना का सम्मान करें और इस तरह विकसित भारत की नींव को मजबूत करें।’’

भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर वर्ष 25 जनवरी को भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर मनाया जाता है।