लखनऊ/मेरठ/अलीगढ़/अमरोहा: 16 फरवरी (ए) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार की सुबह जिला न्यायाधीश को बम धमाके की धमकी ईमेल के जरिये दिये जाने के बाद अदालत परिसर की सुरक्षा और पुख्ता कर दी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की देखरेख में बम निरोधक दस्ते तथा श्वान दस्ते की मदद से अदालत परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।अधिकारियों ने बताया कि मेरठ, वाराणसी, आजमगढ़ और अमरोहा से भी अदालत परिसरों में बम विस्फोट की धमकी दिये जाने की खबरें आयी हैं।
लखनऊ के वजीरगंज के थाना अध्यक्ष राजेश कुमार त्रिपाठी ने ‘ बताया, ‘‘सोमवार सुबह लगभग सात बजे जिला न्यायाधीश को एक ईमेल के जरिए अदालत में बम विस्फोट करने की धमकी दी गयी थी। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की देखरेख में अदालत परिसर की सघन तलाशी का अभियान शुरू किया गया। इस काम में बम निरोधक दस्ते तथा श्वान दस्ते की भी मदद ली गयी।’’
उन्होंने कहा कि चैंबर, न्यायालय कक्षों और कूड़ेदान की भी जांच की गई। उन्होंने कहा कि तीन टीम द्वारा चलाया गया यह तलाशी अभियान सुबह लगभग आठ बजे शुरू हुआ और दोपहर लगभग 12 बजे तक चला।
त्रिपाठी ने बताया कि इस सिलसिले में किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि आज ही मेरठ की जिला अदालत को भी बम विस्फोट कर उड़ाने की धमकी ईमेल के जरिये भेजी गयी थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद अधिकारियों ने कर्मचारियों और दूसरे लोगों को बाहर निकालने के बाद परिसर में तलाशी अभियान चलाया।
उन्होंने कहा कि कुछ भी संदिग्ध न मिलने के बाद मेरठ की अदालतों में कामकाज सामान्य रूप से दोबारा शुरू हो गया है।
अधिकारियों ने बताया कि सर्विलांस ड्रोन ने पूरे अदालत परिसर के साथ-साथ सत्र अदालत की बहुमंजिला इमारत की भी जांच की।
पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिषेक तिवारी ने बताया कि अभी तक की तलाशी में कुछ नहीं मिला है और ईमेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि बम विस्फोट की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को बंद की गयी वाराणसी की जिला अदालत को सोमवार को फिर से खोल दिया गया। उन्होंने कहा कि परिसर खुलते ही पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया।
उन्होंने कहा कि इस अभियान में कई थानों की पुलिस, पीएसी, बम निरोधक दस्ता और श्वान दस्ते को शामिल किया गया।
कैंट क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त नितिन तनेजा ने बताया कि बम की धमकी के बाद पुलिस टीम ने तलाशी अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
उधर, अमरोहा जिला अदालत को उसकी आधिकारिक आईडी पर ईमेल भेजकर बम विस्फोट की धमकी मिलने के बाद प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। धमकी भरे संदेश में अपराह्न सवा 12 बजे अदालत परिसर में विस्फोट होने की बात कही गयी थी।
पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिषेक कुमार यादव ने बताया कि सूचना मिलने पर अदालत परिसर की सुरक्षा और कड़ी कर दी गयी। उन्होंने कहा कि बम निरोधक दस्ते को तुरंत मौके पर भेजकर विस्तृत जांच की गई।
उन्होंने कहा कि अदालत परिसर में आने-जाने के सभी रास्तों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और ईमेल भेजने वाले की पहचान करके उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।
सोमवार को आजमगढ़ जिले में दीवानी अदालत परिसर को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली और एहतियात के तौर पर पूरे अदालत परिसर को खाली करा लिया गया।
चश्मदीद लोगों के मुताबिक अदालत परिसर में मौजूद वकीलों, वादियों और कर्मचारियों को तुरंत निकालकर सुरक्षित जगह पर ले जाया गया था। सुरक्षा कारणों से अदालत परिसर के द्वार सील कर दिए गए और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गयी।
मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बम निरोधक दस्ते और श्वान दस्ते ने पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। हर कमरे, रिकॉर्ड रूम और पार्किंग क्षेत्र की तलाशी ली गयी।
आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने कहा कि ईमेल से मिली जानकारी के आधार पर अदालत परिसर की सघन तलाशी ली गई। उन्होंने कहा कि अब तक कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है।
इस बीच, अलीगढ़ में बम विस्फोट की धमकी मिलने पर पुलिस और प्रशासन ने किसी आपदा से निपटने की तैयारियां परखने के लिये सोमवार को दीवानी अदालत में एक ‘मॉक ड्रिल’ की।
जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर यह खबर फैली कि दीवानी न्यायालय परिसर के अंदर कहीं बम रखा गया है। इस पर जिला न्यायाधीश को विश्वास में लेकर एक ‘मॉक ड्रिल’ की गयी।
उन्होंने बताया कि इस कवायद के तहत 20 मिनट के अंदर पूरे अदालत परिसर को खाली करा लिया गया और बम निरोधक दस्ते और श्वान दस्ते तथा संबंधित थाने की पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया।