नयी दिल्ली: पांच जून (ए)
) दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को प्रतिबंधित संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) के कई शीर्ष नेताओं के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया, और कहा कि मामले में भारत सरकार को उखाड़ फेंकने तथा 2047 तक इस्लामी खलीफा का शासन स्थापित करने की साजिश का ‘‘गंभीर संदेह’’ है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत 25 पीएफआई सदस्यों के साथ-साथ संगठन के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया।