नयी दिल्ली: 28 जुलाई (ए)
) शिक्षा क्षेत्र में कथित अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत की उन सोशल मीडिया टिप्पणियों को लेकर विवाद हो गया है, जिसमें उन्होंने ‘जेन-जेड’ को “गटर पीढ़ी” बताते हुए कहा है कि विरोध-प्रदर्शन से जुड़े वीडियो देखकर “उबकाई” आती है।
कंगना की यह टिप्पणी 36 दिन लंबे उस आंदोलन के मद्देनजर आई है, जो 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने और सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें मान लिए जाने के बाद समाप्त हुआ।
हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा सदस्य कंगना ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर साझा किए गए पोस्ट में जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन से जुड़े वीडियो को “गंदगी, कचरे और भद्देपन” का प्रदर्शन बताया।
उन्होंने लिखा, “मैंने अपनी जिंदगी में कभी किसी एक जगह पर इतना भद्दापन नहीं देखा। जेन-जेड के विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े ये वीडियो देखकर उबकाई आती है। वे जिस तरह बात कर रहे हैं और जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, मैंने पहले कभी एक ही जगह पर इतनी गंदगी, इतनी अभद्रता नहीं देखी। इन्हें कौन पैदा कर रहा है और शह दे रहा है।”
कंगना ने कहा, “भारत खूबसूरत, शालीन और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध लोगों का देश है। आप खुद को कॉकरोच कहते हैं और वैसे ही दिखते और व्यवहार भी करते हैं। इसमें कोई विरोधाभास नहीं है। आप दुनिया को सिर्फ गंदगी और भद्दापन दिखा रहे हैं। इन वीडियो ने मुझे विचलित कर दिया है। मुझे ‘डिजिटल डिटॉक्स’ की जरूरत है।”
एक अन्य पोस्ट में कंगना ने विरोध-प्रदर्शन में शामिल युवतियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान उनका व्यवहार “सबसे ज्यादा निंदनीय” था।
उन्होंने कहा, “जो महिलाएं सही मायने में स्वतंत्र होती हैं, वे कठोर फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, करियर में लीक से हटकर कदम उठाती हैं और अपने कार्यों के प्रति जवाबदेही भी प्रदर्शित करती हैं। उन्हें ऐसा करना ही पड़ता है, क्योंकि वे अपनी जिंदगी खुद जीती हैं। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।”
कंगना ने कहा, “यह तथाकथित पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नयी पीढ़ी है। मैं इन्हें ‘गटर पीढ़ी’ कहती हूं।”
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल कुछ महिलाएं “इतनी भयानक और भ्रष्ट थीं कि वे गृहिणी बनने के लायक भी नहीं हैं।”
कंगना ने लिखा, “वे मादक पदार्थों और शराब का सेवन करने या कई लोगों से संबंध बनाने की अपनी आजादी का गर्व से प्रदर्शन करती हैं और बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर जीती हैं। वे वास्तव में स्वतंत्र हुए बिना स्वतंत्र जीवन जीने की लगातार कोशिश करती रहती हैं।”
उन्होंने कहा, “एक जरूरी बात याद दिला दूं कि स्वतंत्र जीवन हासिल करना पड़ता है। अगर आप बिना कोई जिम्मेदारी उठाए आजाद जीवन जीने की कोशिश करती हैं, तो आप बस एक विकृत सोच वाली व्यक्ति या ‘गटर छाप’ शख्स बनकर रह जाती हैं।” मंगलवार को जारी एक नये पोस्ट में कंगना ने उन लोगों का बचाव किया, जिन्होंने सोशल मीडिया सामग्री को लेकर प्रदर्शनकारियों का विरोध किया।
उन्होंने कहा कि जो लोग सार्वजनिक रूप से अपशब्द बोलते हैं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, उन्हें लोगों की प्रतिक्रिया सुनने और झेलने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
कंगना ने लिखा, “जो प्रदर्शनकारी अपनी अभद्र और आपत्तिजनक भाषा वाली ‘रील्स’ की वजह से सड़कों पर आम लोगों की पिटाई और बदसलूकी का सामना कर रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि अगर आप अपनी बात कहते हैं, तो आपको दूसरों की बात सुनने के लिए भी तैयार रहना होगा। अगर आप सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, तो जनता भी आपके खिलाफ प्रतिक्रिया देगी।”
उन्होंने कहा, “अगर आपको देश और उसके नेतृत्व से कोई समस्या है और आपने सार्वजनिक रूप से उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है, तो अब उन लोगों की बात भी सुनिए, जो इस देश से प्यार करते हैं और जिन्होंने अपने वोट के जरिये इस सरकार को सत्ता में लाया है, क्योंकि उन्हें भी बोलने का अधिकार है।”
कंगना ने न्यूटन के गति के तीसरे सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा, “हर क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। अगर पढ़ाई से आपको कारण और असर को समझने में मदद नहीं मिली, तो अब आप इसे अच्छी तरह से समझ जाएंगे।”
कंगना की टिप्पणियां सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिसके बाद कई नेताओं ने उनकी भाषा की आलोचना की।
कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने ‘इंडिया टूडे’ चैनल से कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक महिला सांसद सरकार की वाहवाही पाने के लिए इस तरह की बातें लिख रही हैं। जब आप एक सांसद के तौर पर ऐसी बातें लिखती हैं, तो मैं बस यही कहना चाहती हूं कि लोग यह सब आपसे ही सीख रहे हैं। मुझे लगता है कि उन्हें जल्द ही इसका खामियाजा भुगतना होगा।”
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने संवाददाताओं से कहा, “मुझे लगता है कि ‘जेन-जेड’ उन्हें इसका जवाब देगी…।”
कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने भी कंगना की आलोचना की। एक उपयोगकर्ता ने शाहीन बाग आंदोलन और अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर को लेकर दिए गए उनके पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि वह पहले भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करती रही हैं।
उसने लिखा, “कंगना ने छात्र आंदोलन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा की आलोचना करते हुए यह पोस्ट साझा किया है। वह वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने उर्मिला मातोंडकर को ‘सॉफ्ट पोर्न स्टार’ कहा था और किसान आंदोलन तथा शाहीन बाग में विरोध-प्रदर्शन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं का मजाक उड़ाते हुए दावा किया था कि वे 100 रुपये में उपलब्ध थीं।”
एक अन्य उपयोगकर्ता ने कंगना की टिप्पणियों को “बेहद शर्मनाक” करार देते हुए लिखा, “एक प्रभावशाली महिला आखिर कैसे अपनी ताकत और मंच का इस्तेमाल महिलाओं के खिलाफ 14 साल के अपरिपक्व व्यक्ति जैसी कड़वाहट और जहरीली बातें फैलाने के लिए कर सकती है? सच कहूं तो यह बेहद मूर्खतापूर्ण है।”