चेन्नई: दो नवंबर (ए) आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरासु के बाद की किसी भी आपात स्थिति से निपटने में मदद के लिए तमिलनाडु के अरक्कोनम के पास स्थित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की चौथी बटालियन की तीन टीम तैनात की गयी हैं, जिनमें कुल 90 कर्मी शामिल हैं।
आंध्र प्रदेश इस समय ‘मुरासु’ चक्रवात की आशंका के मद्देनजर आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी कर रहा है।
एक अधिकारी ने बताया कि एनडीआरएफ की एक टीम में 30 कर्मी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए बल की तैनाती नेल्लोर, प्रकाशम और मरकापुरम जैसे क्षेत्रों में की जा रही है।
आंध्र प्रदेश बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात मुरासु के तट से टकराने की स्थिति से निपटने की तैयारी कर रहा है। इस चक्रवात के सोमवार रात से मंगलवार सुबह के बीच तट से टकराने की आशंका है।
सूत्रों ने बताया कि एक वरिष्ठ कमांडर के नेतृत्व में ये टीमें आपातकालीन बचाव कार्य करेंगी, मलबा हटाएंगी और प्रभावित नागरिकों को राहत पहुंचाएंगी।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया कि गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। यह तूफान नेल्लोर से लगभग 120 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, कावली से 140 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, चेन्नई (तमिलनाडु) से 170 किमी उत्तर-पूर्व, ओंगोल से 180 किमी दक्षिण-पूर्व और मछलीपत्तनम से 220 किमी दक्षिण में स्थित है।
आईएमडी के मुताबिक, यह दो नवंबर की आधी रात और तीन नवंबर की सुबह के बीच नेल्लोर और नरसापुर के पास दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगा। इस दौरान हवा की गति 100-110 किमी प्रति घंटा होगी, जो झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
