पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने अंताल्या में तीसरी बैठक की

अंतरराष्ट्रीय
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इस्लामाबाद: 18 अप्रैल (ए) पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने अंताल्या शहर में की गई तीसरी बैठक में ‘आपसी हित के अहम क्षेत्रों’ में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (एफओ) द्वारा शनिवार को जारी एक बयान के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार, सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान और मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलट्टी की बैठक शुक्रवार को ‘अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम’ से इतर हुई।

इसमें कहा गया है, ‘‘विदेश मंत्रियों ने बैठक के दौरान साझेदारी को आगे बढ़ाने, समन्वय को प्रगाढ़ करने और आपसी हित के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।’’

बयान के मुताबिक चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय स्तर पर हो रहे बदलावों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और शांति, स्थिरता और साझा समृद्धि को बढ़ावा देने में संवाद और कूटनीति के महत्व को रेखांकित किया ।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पाकिस्तान, पश्चिम एशिया में संघर्ष के समाधान के लिए अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय वार्ता के दूसरे दौर की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है। इस संघर्ष से बड़ी आर्थिक समस्याएं पैदा हुई हैं और क्षेत्रीय स्थिरता खतरे में पड़ गयी है।

अमेरिका और ईरान ने पिछले सप्ताह पाकिस्तान में संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से प्रत्यक्ष वार्ता की, लेकिन यह बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई।

चारों देशों ने पिछले महीने सऊदी अरब में पहली बैठक की थी, जिसके बाद पाकिस्तान में दूसरी बैठक हुई।

चारों देशों के ‘शीर्ष राजनयिकों’ की 14 अप्रैल को पाकिस्तान में बैठक हुई थी और इस दौरान उन्होंने उप प्रधानमंत्री इसहाक डार से भी मुलाकात की, जिन्होंने उनसे मिस्र, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच एक ‘सहयोगात्मक ढांचा’ तैयार करने की अपील की।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि डार ने चारों मित्र देशों के बीच घनिष्ठ, भाईचारे के संबंधों और महत्वपूर्ण क्षेत्रीय व वैश्विक मामलों पर विचारों की समानता की सराहना की।

विदेश कार्यालय ने कहा, ‘‘चारों विदेश मंत्रियों ने शांति, समृद्धि और आर्थिक विकास के साझा लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करते हुए आपसी सहयोगात्मक ढांचा तैयार करने का आह्वान किया।’’