जनरल सुब्रमणि ने भारत के नए प्रमुख रक्षा अध्यक्ष का पदभार संभाला

राष्ट्रीय
Spread the love

नयी दिल्ली: 31 मई (ए)) पाकिस्तान और चीन संबंधी मामलों के विशेषज्ञ माने जाने वाले जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने रविवार को भारत के नए प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) के रूप में पदभार संभाल लिया।

जनरल सुब्रमणि के सामने महत्वाकांक्षी सैन्य ‘थिएटराइजेशन’ (सेना के तीनों अंगों की एकीकृत सैन्य कमान व्यवस्था) योजना को लागू करने और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय मजबूत करने की प्रमुख जिम्मेदारी होगी।

जनरल सुब्रमणि ने जनरल अनिल चौहान का स्थान लिया है, जिन्होंने शनिवार को देश के वरिष्ठतम सैन्य कमांडर के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया।

जनरल सुब्रमणि इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत थे। वह पिछले वर्ष 31 जुलाई को सेना के उप प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

पदभार संभालने के तुरंत बाद सैन्य अधिकारी ने कहा कि सशस्त्र बलों में बदलाव और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय एवं एकीकरण बढ़ाने के लिए संगठनात्मक सुधार उनकी प्राथमिकता होंगे।

उन्होंने मीडिया के समक्ष जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा कि सशस्त्र बलों में स्वदेशी हथियारों के विकास, उन्हें शामिल करने और उनके एकीकरण की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सशस्त्र सेनाओं ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा में हमेशा पेशेवर दक्षता और निर्णायक सैन्य क्षमता का परिचय दिया है। हम देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत के नागरिकों को आश्वस्त करता हूं कि सशस्त्र बल समर्पण, साहस, सम्मान और पेशेवर दक्षता के साथ राष्ट्र की सेवा करते रहेंगे।’’

प्रमुख रक्षा अध्यक्ष के रूप में जनरल सुब्रमणि का मुख्य कार्य एकीकृत सैन्य कमान बनाकर ‘थिएटराइजेशन मॉडल’ को लागू करना होगा।

जनरल सुब्रमणि ने 40 वर्ष से अधिक के अपने शानदार करियर में विभिन्न तरह के संघर्ष क्षेत्रों और भौगोलिक परिस्थितियों में सेवा दी तथा कमान, स्टाफ और प्रशिक्षण संबंधी कई पदों पर कार्य किया।

उन्होंने एक जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक थलसेना के उप प्रमुख के रूप में सेवा दी और वह मार्च 2023 से जून 2024 तक मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे।

वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी के स्नातक हैं।

उन्हें 14 दिसंबर, 1985 को गढ़वाल राइफल्स की आठवीं बटालियन में शामिल किया गया था।

जनरल सुब्रमणि ब्रिटेन के ब्रैकनेल स्थित संयुक्त सेवा कमान एवं स्टाफ कॉलेज और नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। उनके पास लंदन स्थित किंग्स कॉलेज से स्नातकोत्तर और मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में एमफिल की डिग्री है।

उन्होंने ‘ऑपरेशन राइनो’ के तहत असम में उग्रवाद-रोधी अभियानों में 16 गढ़वाल राइफल्स, जम्मू कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड और चुनौतीपूर्ण अभियानगत माहौल में मध्य क्षेत्र में 17 माउंटेन डिवीजन की कमान संभाली।

उन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की एक प्रमुख स्ट्राइक कोर सहित दो कोर की कमान संभालकर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।

जनरल सुब्रमणि की स्टाफ और प्रशिक्षण संबंधी नियुक्तियों में एक माउंटेन ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर, कजाखस्तान में रक्षा अताशे, सैन्य सचिव शाखा में सहायक सैन्य सचिव, जम्मू कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के उप कमांडर और रक्षा मंत्रालय (थलसेना) के एकीकृत मुख्यालय में सैन्य खुफिया के उप महानिदेशक के पद शामिल हैं।

उन्होंने पूर्वी कमान में ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ (अभियान), वेलिंगटन स्थित रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज में मुख्य प्रशिक्षक (थलसेना) और उत्तरी कमान मुख्यालय में ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ के पद भी संभाले।

जनरल सुब्रमणि को उनकी विशिष्ट सेवा के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है।