सोना 4,000 रुपये उछलकर 1.37 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर

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नयी दिल्ली: 15 दिसंबर (ए)) मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोना 4,000 रुपये बढ़कर 1,37,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह कहा।

शुक्रवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,33,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (अनुसंधान विश्लेषक…जिंस और मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा, ”अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोना के 4,350 अमेरिकी डॉलर के स्तर की ओर बढ़ने के साथ ही घरेलू बाजार में तेज उछाल देखने को मिला। इससे सोने की कीमतें नयी ऊंचाई पर पहुंच गईं।”

उन्होंने कहा कि पीली धातु ने वैश्विक मजबूती को दर्शाते हुए तेज बढ़त के साथ एक नया सर्वकालिक उच्च स्तर छू लिया। इससे पहले 17 अक्टूबर को सोना 1,34,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया था।

त्रिवेदी ने कहा, ”यह तेजी सुरक्षित निवेश की मांग और इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों को लेकर बनी उम्मीदों के कारण आई है। अब ध्यान पूरी तरह अमेरिकी वृहत आर्थिक संकेतों पर है, जिससे अस्थिरता ऊंची बनी रहने की संभावना है।”

इस साल अब तक सोने की कीमतों में 58,650 रुपये यानी 74.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सोने का भाव 31 दिसंबर 2024 को 78,950 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

दूसरी ओर, संघ के अनुसार चांदी की कीमतें सभी करों सहित 1,99,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रहीं। इस साल अब तक चांदी की कीमतों में 1,09,800 रुपये यानी 122.41 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसका भाव 31 दिसंबर 2024 को 89,700 रुपये प्रति किलोग्राम था।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने का हाजिर भाव लगातार पांचवें सत्र में बढ़ा और यह 49.83 अमेरिकी डॉलर यानी 1.16 प्रतिशत बढ़कर 4,350.06 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

पिछले पांच सत्रों में पीली धातु में कुल 159.32 अमेरिकी डॉलर यानी 3.80 प्रतिशत की बढ़त हुई है।

इस बीच, विदेशी बाजारों में चांदी का हाजिर भाव दो अमेरिकी डॉलर यानी 3.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 63.96 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

इस बीच

सरकार ने सोमवार को कहा कि सोने और चांदी की कीमतों में हालिया उछाल का मुख्य कारण भू-राजनीतिक तनाव में वृद्धि और वैश्विक विकास को लेकर अनिश्चितता है, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सोने और चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं की घरेलू कीमतें मुख्य रूप से उनकी प्रचलित अंतरराष्ट्रीय कीमतों अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर और लागू करों/शुल्कों द्वारा निर्धारित होती हैं।