उप्र में जनगणना-2027 के दूसरे चरण में घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने का काम एक दिसंबर से

उत्तर प्रदेश लखनऊ
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लखनऊ: 15 अक्टूबर (ए) उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के दूसरे चरण के तहत घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने का काम आगामी एक दिसंबर से चार जनवरी तक किया जाएगा।

इससे पहले, 16 से 30 नवंबर तक लोग स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपने और परिवार के पात्र सदस्यों की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। राज्य के मुख्य सचिव एस. पी. गोयल ने बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों के साथ आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में दूसरे चरण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश में जनगणना संचालन एवं नागरिक पंजीकरण विभाग की निदेशक शीतल वर्मा ने सम्मेलन में बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्य में जनगणना के लिये टीम एक दिसंबर से अगले साल चार जनवरी तक घर-घर जाकर जानकारियां जुटाएंगी।

उन्होंने बताया कि इससे पहले 16 नवंबर से 30 नवंबर तक उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से स्वयं तथा अपने परिवार के पात्र सदस्यों की जानकारी दर्ज करने का विकल्प उपलब्ध रहेगा।

वर्मा ने बताया कि स्व-गणना पूरी होने के बाद परिवार को एक विशिष्ट पहचान संख्या (एसई आईडी) मिलेगी और परिवार इसे सुरक्षित रखकर प्रगणक को उपलब्ध करा सकेगा, जिससे दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जा सकेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान दी गई व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत गोपनीय रखी जाएगी और जनगणना प्रक्रिया के तहत आमजन या सामान्य निवासी से किसी प्रकार का दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग नहीं की जाएगी।

सम्मेलन के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है और इसके आंकड़ों का उपयोग भविष्य में विभिन्न योजनाओं के निर्माण तथा क्रियान्वयन में किया जाएगा, लिहाजा आंकड़ों की शुद्धता, विश्वसनीयता और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी घर गणना से छूटने न पाए और यह काम सिर्फ प्रशिक्षित कर्मियों से ही कराया जाए।

गोयल ने स्व-गणना को प्रोत्साहित करने के लिए 15 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य प्रमुख स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिये।

भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने जनगणना के दूसरे चरण में भी समन्वय और टीम भावना बनाये रखने एवं आंकड़ों की गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की ताकीद करते हुए अनावश्यक जल्दबाजी से बचते हुए हर घर को गणना में शामि