लखनऊ: 25 फरवरी (ए) आयकर विभाग ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एकमात्र विधायक उमा शंकर सिंह के लखनऊ और बलिया स्थित आवासों पर बुधवार को छापेमारी की। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
अधिकारी ने, हालांकि, बुधवार दोपहर तक छापेमारी के कारणों या उसके परिणाम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।सूत्रों के अनुसार पांच टीमें पुलिस बल के साथ दस्तावेजों की जांच की। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई विधायक की एक पुरानी फर्म से संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद की गई है। तीन जिलों में एक्शन लखनऊ के गोमतीनगर स्थित उनके आवास और दफ्तर के अलावा, उनके पैतृक निवास और अन्य ठिकानों पर भी टीमें मौजूद रही ।
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह जबसे बसपा में आये हैं उन्होंने पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से अपनी ज़िम्मेवारी निभाई है ।
अपनी पार्टी के इकलौते विधायक के बारे में मायावती ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,”बसपा के विधायक उमाशंकर सिंह जबसे पार्टी में आये हैं उन्होंने पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से अपनी ज़िम्मेवारी निभाई है । आजतक इनके क्षेत्र से इनके बारे में किसी भी प्रकार की अवैध तरीके़ से सम्पत्ति अर्जित करने या अन्य कोई भी ग़लत कार्य करने की शिकायत नहीं आई है।”
बसपा नेता ने कहा,”हालांकि पिछले लगभग दो वर्षों से वह काफी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। ऐसी स्थिति में आयकर विभाग को अगर इनके सम्बन्ध में कोई शिकायत मिली थी तो वह इनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर इनके ठीक हो जाने के उपरान्त इनसे पूछताछ कर सकता था।”
बसपा नेता ने कहा ,‘‘ हम कोई इस विभाग के कार्य में दख़ल नहीं दे रहे हैं, लेकिन आज जिस तरह से इन पर अति-गंभीर बीमारी के दौरान कार्रवाई की गयी है वह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है और मानवता के ख़िलाफ है।’’
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से उन्नाव में जब संवाददाताओं ने बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के घर पड़े आयकर छापे के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा,”उनके यहां (उमाशंकर) छापा इसलिये पड़ा है क्योंकि कुछ लोग (:संभवत उनका इशारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर था): जापान गये हैं। अगर वे जापान न गये होते तो शायद यह छापा न पड़ा होता । पुलिस को पता लग जाता और पुलिस लीक कर देती ।”
यादव ने मजाकिया अंदाज में कहा,” सरकार के लोग जापान चले गये, इसलिये छापा पड़ गया ।”
उन्होंने कहा,”सवाल यह नहीं है कि बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर के यहां छापा पड़ा है । भाजपा का कोई होता है तो उसके यहां छापा नहीं पड़ता । भाजपा को खुश कर दो, कभी छापा नहीं पड़ेगा ।”
उन्होंने कहा कि भाजपा किसी की सगी नहीं है।
उधर बलिया से मिली खबर के अनुसार बसपा विधायक के बलिया जिले के खनवर गांव स्थित निवास पर आयकर विभाग के टीम द्वारा छापेमारी की जा रही है।
पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार आयकर विभाग का दल बुधवार को पूर्वान्ह लगभग दस बजे रसड़ा के बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के बलिया जिले के खनवर गांव स्थित निवास पर पहुंचा तथा छापेमारी के दौरान आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
रसड़ा क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक आलोक गुप्ता ने बताया कि आयकर विभाग की टीम द्वारा छापेमारी के मद्देनजर सुरक्षा के लिए पुलिस को तैनात किया गया है।
सिंह पहली बार बसपा के टिकट पर 2012 में रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गये थे ।उन्होंने 2017 और 2022 में भी बसपा के टिकट पर विजय दर्ज किया ।
बुधवार की शाम तक छापेमारी जारी थी ।
सिंह (55) बलिया जिले के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह तीन बार के विधायक हैं और इससे पहले निर्माण व्यवसाय से जुड़े थे।
इस बीच, बसपा विधायक के रिश्तेदार तथा भाजपा नेता और प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री दिनेश सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए इस छापेमारी का विरोध किया है।
मंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज आयकर विभाग बलिया जिले के रसड़ा से विधायक उमा शंकर सिंह के घर पर छापेमारी कर रहा है, जिनके परिवार में हमारी रिश्तेदारी है।’’
उन्होंने कहा कि राज्य और देश के नेताओं के साथ-साथ आयकर विभाग एवं सभी अधिकारियों को इस बात की जानकारी है कि विधायक पिछले दो वर्षों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘दो साल से अधिक समय से वह जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों में उनका सारा समय एवं धन उन्हें बचाने में खर्च हो रहा है न कि कुछ अर्जित करने में। उनके सभी कारोबार लगभग बंद हो गये हैं।’’
उन्होंने कहा कि आज वह अपने ही आवास में पृथक-वास में रह रहे हैं और वह विधानसभा सत्र में भी भाग नहीं ले सके हैं।
दिनेश सिंह ने कहा कि विधानसभा का सत्र एक विधायक के लिए महत्वपूर्ण होता है लेकिन एक घंटे के लिए भी सदन में जाने की स्थिति में नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान उनके घर पर नर्स या डॉक्टर को भी जाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘इस समय तो नर्स या डॉक्टर को भी उनके घर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यदि उनके जीवन को कोई हानि होती हैं तो ये संवेदनहीन संस्थायें ही जिम्मेदार होंगी।”
सिंह ने कहा कि इस प्रकार की परिस्थितियों में दुर्लभतम अपराधों में भी माननीय न्यायालय दया के आधार पर याचिका स्वीकार कर दोष मुक्त कर देते हैं।
मंत्री ने कहा, ”लेकिन इस कठिन दौर में भी कौन संवदेनहीन राजनेता या संस्था हो सकती है, जो ऐसी परिस्थितियों में भी पीड़ा देने की सोच सकता है, प्रभु ऐसे लोगों और संस्थाओं को सदबुद्धि दें।”
बसपा विधायक उमाशंकर काफी समय से बीमार हैं। कई महीने पहले बसपा प्रमुख मायावती भी राजधानी स्थित उनके घर पर उनका हाल चाल लेने गयी थीं।