नयी दिल्ली: आठ अक्टूबर (ए) पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने बृहस्पतिवार को कहा कि छात्रों की मांगों को सहानुभूति के साथ सुना जाना चाहिए और बल प्रयोग सही नहीं है।
जोशी ने यहां 21वें भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) उच्च शिक्षा सम्मेलन से इतर पत्रकारों से कहा कि छात्र ‘‘हमारे बच्चे’’ हैं और उनके साथ उसी तरह व्यवहार किया जाना चाहिए।