मुंबई: 18 मई (ए)
) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को अधिकारियों को तीर्थ और विरासत स्थलों पर विकास कार्यों को समय पर पूरा करने और श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं सहित उच्च गुणवत्ता वाली व्यवस्थाएं प्रदान करने के निर्देश दिए।
तीर्थस्थल विकास पर गठित शीर्ष समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए फडणवीस ने कहा कि राज्य के धार्मिक और विरासत स्थलों का संरक्षण और जीर्णोद्धार सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्वीकृत विकास योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन की आवश्यकता पर भी बल दिया।
समिति ने राज्य की छह तीर्थ और विरासत परियोजनाओं के लिए 993.72 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं और फंड को मंजूरी दी।
बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, भीमाशंकर मंदिर के व्यापक और सतत विकास के लिए 172.22 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
समिति ने देहू में संत तुकाराम महाराज के जन्मस्थान के संरक्षण और विकास के लिए 41.71 करोड़ रुपये मंजूर किए, जिसमें वैकुंठगमन मंदिर और भंडारा पहाड़ी शामिल हैं।
सतारा जिले में स्थित अजिंक्यतारा किले के संरक्षण, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए 134.80 करोड़ रुपये की विकास योजना को मंजूरी दी गई।
संगम माहुली में स्मारक परिसर के संरक्षण के लिए 133 करोड़ रुपये भी मंजूर किए हैं।
छत्रपति संभाजीनगर जिले के वेरुल में स्थित घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के विकास के लिए 210.45 करोड़ रुपये की संशोधित योजना को मंजूरी दी गई, जिसमें 53.82 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट की जरूरत शामिल है।
बीड़ जिले में स्थित परली वैजनाथ मंदिर के लिए 301.54 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विकास योजना को मंजूरी दी गई है।