अमेरिका-ईरान के बीच मिसाइल हमले तेज, संघर्ष बढ़ने का खतरा

राष्ट्रीय
Spread the love

काहिरा: 30 जुलाई (एपी) अमेरिका और ईरान के बीच बृहस्पतिवार को एक-दूसरे के ठिकानों पर मिसाइल दागने का सिलसिला फिर शुरू होने के साथ किसी भी तरह के जल्द समाधान की संभावना कमजोर पड़ गई है।

संक्षिप्त विराम के बाद संघर्ष के और अधिक देशों तक फैलने की आशंका बढ़ गई है। जॉर्डन ने कहा कि उसने लगातार दूसरे दिन ईरानी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। वहीं, कुवैत ने बताया कि देश के उत्तरी हिस्से में हुए एक हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई।

अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों पर “भारी” हमले करते हुए एक सिलसिले को अंजाम दिया है। उसने कमान केंद्रों, मिसाइल और ड्रोन सुविधाओं, तटीय निगरानी और रक्षा स्थलों और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया।ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा बुधवार रात मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान द्वारा किए गए “अचानक” हमले का जवाब देने की चेतावनी के बाद हुए।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) का कहना है कि अमेरिका द्वारा किए गए हमलों की नवीनतम लहर के बाद अमेरिका को “आज ही दंडित किया जाएगा”।

इससे पहले इसने एक बयान जारी कर अमेरिका की मदद कर रहे देशों को चेतावनी दी थी कि अगर वे “अपना व्यवहार नहीं सुधारते” तो उन्हें कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा।

आईआरजीसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने दावे की पुष्टि करते हुए कहा कि यह “हमारी भूमि” है और उसके नाविकों का “इस पर पूर्ण नियंत्रण” है।

“हजारों किलोमीटर दूर से आए किसी अजनबी को दखलंदाजी करने की इजाजत नहीं दी जाएगी,” कोर ने आगे कहा।

“जब तक अमेरिकी अधिकारियों की अतिशयोक्तियाँ, धमकियाँ और क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों में उनका हस्तक्षेप जारी रहेगा, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोला जा सकता।”

इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की यह धमकी ऐसे समय में आई है जब तेहरान के एक चौक पर एक बैनर प्रदर्शित किया गया है जिसमें खून से लथपथ डोनाल्ड ट्रम्प को दिखाया गया है और उस पर लिखा है “हम तुम्हें मार डालेंगे”।