‘कुछ नहीं बचा’: नेपाल बाढ़ के प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाया खौफनाक मंजर

अंतरराष्ट्रीय
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काठमांडू: 27 अगस्त (ए) नेपाल के रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर तिमुरे में बुधवार को अचानक आई बाढ़ के बाद अपनों को खो चुके गिरी लाल के पास अब सिर्फ उनकी पत्नी और बच्चों की यादें ही बची रह गई हैं।

आपदा की चपेट में आए पीड़ितों में 38 वर्षीय गिरी लाल भी शामिल हैं। आपदाइतनी तेजी से आई कि पल भर में विनाश का मंजर छा गया और घटना के गवाह रहे लोगों को ऐसा लगा मानो भूकंप आ गया हो।इस अचानक आई बाढ़ में लाल का पूरा परिवार— उनकी पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां बह गए।

स्थानीय कचरा प्रबंधन कार्यालय के लिए ट्रक चलाने वाले लाल का अब तिमुरे से करीब 160 किलोमीटर दूर काठमांडू के सरकारी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को बढ़कर 270 हो गई। हाल के वर्षों में यह सबसे बड़ी आपदाओं में से एक मानी जा रही है और बचावकर्मी इस आपदा में लापता हुए सैकड़ों लोगों को तलाश करने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।

मध्य नेपाल के कुछ हिस्सों में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। नदी के ऊपरी हिस्से में बर्फ और चट्टानों के मलबे का भारी भरकम हिस्सा गिरने से भोटे कोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंदे का मार्ग अवरुद्ध हो गया, जिसके बाद मलबे के साथ पानी का तेज बहाव नीचे की ओर आया। बाढ़ ने सबसे पहले नेपाल-तिब्बत सीमा के पास स्थित रसुवा जिले को अपनी चपेट में लिया और फिर इसने अन्य जिलों में भी तबाही मचाई।

भरतपुर अस्पताल के आपातकालीन केंद्र के बाहर खड़ी लिपा सपकोटा अपने भाई साबी की तस्वीर लिए थीं। उन्होंने कहा, ‘‘हम लोगों को उसकी तस्वीरें दिखा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या किसी ने उन्हें देखा है।’’ साबी बुधवार सुबह से लापता है।

सपकोटा ने ‘सेतोपति डॉट कॉम’ समाचार पोर्टल को बताया, ‘‘वहां कुछ शव थे, लेकिन उनकी हालत ऐसी थी कि उन्हें पहचानना आसान नहीं था।’’

एक और चश्मदीद ने ‘नेपाल न्यूज’ वेब पोर्टल को बताया, ‘‘मैं आज सुबह घर पर था। सुबह करीब आठ बजकर 40 मिनट पर मैं नाश्ता कर रहा था, तभी खबर मिली की तिमुरे में बाढ़ आ गई है। मैंने लोगों को कहते सुना, ‘तिमुरे पूरी तरह बर्बाद हो गया, अब कुछ नहीं बचा है’।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगा मानो भूकंप आया हो। उस वक्त यह समझ पाना असंभव था कि क्या हो रहा है। हमारी आंखों के सामने देखते ही देखते पूरे के पूरे बाजार और बस्ती को बाढ़ ने लील लिया।’’

सोशल मीडिया पर आए कई वीडियो में मिट्टी से भरे कई फुट ऊंचे पानी के तेज बहाव में इमारतें, लोग और जानवर बहते हुए दिख रहे हैं।

प्रभावित इलाकों में बचाव दलों के पहुंचने पर तबाही का मंजर और साफ हो गया।

राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने 800 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से कम से कम 579 पर्यटक थे।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि लापता लोगों में लगभग 300 भारतीय पर्यटक शामिल थे।

अधिकारियों के अनुसार, इनमें से अधिकतर लोग तिब्बत में कैलाश मानसरोवर और नेपाल में गोसाईंकुंड की यात्रा पर जा रहे थे।

बाढ़ से मुख्य रूप से मध्य नेपाल में 35 पुल, 45 झूला पुल और लगभग 40 किलोमीटर पक्की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।