नयी दिल्ली: 31 अक्टूबर (ए) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को अपनी दादी एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए उपनिषद के मंत्र ‘असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय’ का उल्लेख किया और कहा कि बचपन में उनसे मिला यह आध्यात्मिक संस्कार उनके लिए एक ‘खूबसूरत उपहार’ था।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी अपनी दादी इंदिरा गांधी को याद किया और उनके साथ अपने बचपन की एक तस्वीर साझा करते हुए उन्हें आसमान की तरह स्वतंत्र, समुद्र की तरह गहरा, धरती की तरह दृढ़ और प्रज्वलित अग्नि से भी अधिक उज्ज्वल बताया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर इंदिरा गांधी के साथ अपने बचपन की एक स्मृति साझा की। उन्होंने लिखा, ‘‘आपकी गोद में बैठना। आपके दोनों हाथों को थामना। आपकी आवाज में इन शब्दों को सुनना और उन्हें आपके पीछे दोहराना।’’
गांधी ने बृहदारण्यक उपनिषद के मंत्र की पंक्तियां ‘‘असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शांति, शांति, शांति।” साझा की।
इस मंत्र का भावार्थ असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर और मृत्यु से अमरत्व की ओर ले जाने की प्रार्थना है।
राहुल गांधी ने अपनी दादी को याद करते हुए कहा, ‘‘दादी, आपने मुझे कितना खूबसूरत उपहार दिया। क्या उपहार था। मैंने कभी कल्पना नहीं की थी।’’
प्रियंका गांधी ने इंदिरा गांधी के साथ अपने बचपन की तस्वीर साझा करते हुए ‘एक्स’ पर अंग्रेजी में लिखा, ‘‘वह कितनी खूबसूरत महिला थीं! आकाश की तरह स्वतंत्र, समुद्र की तरह गहरी, धरती की तरह दृढ़ और प्रज्वलित अग्नि से भी अधिक उज्ज्वल।’’
इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर, 1984 को नयी दिल्ली में उनके अंगरक्षकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह जनवरी 1966 से मार्च 1977 तक और फिर जनवरी 1980 से अपनी मृत्यु तक देश की प्रधानमंत्री रहीं।
राहुल गांधी ने देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘भारत के प्रथम गृह मंत्री, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।’’
गांधी ने कहा, ‘‘एकता के सूत्रधार और आधुनिक भारत के शिल्पकार के रूप में उन्होंने देश की एकता, अखंडता और भाईचारे की मजबूत नींव रखी। उनके आदर्श सदैव हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।’’
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नायकों में से एक सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। स्वतंत्रता के बाद रियासतों के भारत में विलय में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्हें लौह पुरूष के नाम से जाना जाता है।
