नयी दिल्ली: 24 जुलाई (ए
) जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल के आसपास तैनात चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) की मदद से आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,500 से अधिक लोगों की पहचान की गई है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने कहा कि यह निगरानी प्रणाली आम प्रदर्शनकारियों के लिए नहीं है, बल्कि इसका मकसद उन लोगों की पहचान करना है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और जो ‘‘प्रदर्शन में घुसपैठ’’ करके कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।