नयी दिल्ली: 11 सितंबर (ए) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ व्यापक मुद्दों पर वार्ता की। इस वार्ता में मुख्य रूप से वर्ष 2030 तक वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने तथा रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। दोनों नेता दोनों देशों के पहले से ही मजबूत रक्षा सहयोग के और विस्तार पर भी गहन चर्चा कर सकते हैं।क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मंगलवार को कहा था कि दोनों पक्ष ब्रह्मोस मिसाइल के उन्नयन पर विचार कर रहे हैं। इसके साथ ही मॉस्को अपनी शेष एस-400 मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रस्तावित सुखोई-57 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति पर भी चर्चा कर रहा है।
रूसी अधिकारी ने बताया कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंध काफी मजबूत बने हुए हैं और दोनों पक्ष भारत में नए असैन्य परमाणु रिएक्टर स्थापित करने की योजना को लेकर बातचीत करने पर विचार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उनके साथ हुई द्विपक्षीय बातचीत के दौरान उन्हें ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया।
‘तिरुक्कुरल’ (जिसे ‘तिरुक्कुरल’ भी कहा जाता है) एक क्लासिक तमिल रचना है, जिसे सम्मानित कवि-संत तिरुवल्लुवर ने लिखा था। 1,330 दो-पंक्तियों वाले दोहों से बनी यह रचना किसी खास देवता, जाति या पंथ से बंधे बिना नैतिक और सदाचारी जीवन जीने का मार्गदर्शन देती है। इसकी शिक्षाएं तीन सार्वभौमिक विषयों पर केंद्रित हैं: ‘अरम’ (गुण/धर्म), ‘पोरुल’ (धन और शासन-कला), और ‘इन्बम’ (प्रेम)।
तमिल लोगों द्वारा बहुत सम्मान के साथ देखी जाने वाली और अक्सर “तमिल वेद” कही जाने वाली ‘तिरुक्कुरल’ को विद्वान सूक्ति-साहित्य (aphoristic literature) की एक महत्वपूर्ण रचना के रूप में भी व्यापक रूप से मान्यता देते हैं।इससे पहले मोदी और पुतिन की मुलाकात पिछले सप्ताह बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। वहां प्रधानमंत्री ने संघर्ष को तुरंत समाप्त करने का आह्वान करते हुए रूसी नेता से ‘‘अंतहीन युद्ध से युद्ध के अंत’’ की ओर बढ़ने का आग्रह किया था।
उनकी आज की बातचीत में यूक्रेन संघर्ष और शांति के रोडमैप के प्रमुखता से शामिल रहने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों में संघर्ष को सुलझाने का रास्ता तलाशने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन सहित अन्य माध्यमों से नए सिरे से प्रयास किए गए हैं।
पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार सुबह नई दिल्ली पहुंचे।
