नयी दिल्ली: 14 नवंबर (ए)

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में बीते 17 अगस्त को रोहतास जिले के सासाराम से शुरू हुई यह यात्रा कथित वोट चोरी और मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ थी।
यह यात्रा रोहतास, औरंगाबाद, गयाजी, नवादा, शेखपुरा, नालंदा, लखीसराय, मुंगेर, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर और कुछ अन्य क्षेत्रों से गुजरी थी। यात्रा की शुरुआत जिस सासाराम में हुई थी, वहां महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा।
सासाराम विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय लोक मोर्चा की स्नेहलता ने राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार सतेंद्र शाह को पराजित किया। रोहतास जिले के बाद इस यात्रा का दूसरा प्रमुख पड़ाव औरंगाबाद जिला था। यहां पर भी महागठबंधन को निराशा हाथ लगी और स्थिति यह रही कि जिले की कुटुंबा विधानसभा सीट पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार राम को भी हार का सामना करना पड़ा। यात्रा के दौरान गया शहर में राहुल गांधी की एक सभा हुई थी। इस क्षेत्र में भी भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री प्रेम कुमार विजयी रहे। ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान सीमांचल और कई अन्य इलाकों में भारी भीड़ जुटी थी, लेकिन इन इलाकों में भी वह कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकी।
कांग्रेस केवल छह ही सीट पर चुनाव जीत सकी
बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 61 सीट पर चुनाव लड़ा और केवल छह सीट ही जीत सकी। कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष राजेश कुमार कुटुम्बा सीट से हार गए, निवर्तमान विधानसभा में विधायक दल के नेता शकील अहमद खान को कदवा सीट पर जद (यू) उम्मीदवार दुलाल चंद्र गोस्वामी ने 18,368 मतों के अंतर से हराया। कांग्रेस के जो छह उम्मीदवार जीते उनमें सुरेंद्र प्रसाद (वाल्मीकि नगर), अभिषेक रंजन (चनपटिया), मनोज विश्वास (फॉर्ब्सगंज), अबिदुर रहमान (अररिया), मोहम्मद कमरूल होदा (किशनगंज) और मनोहर प्रसाद सिंह (मनिहारी) शामिल हैं।