अंकिता भंडारी मामले को लेकर एसडीएफ ने मोमबत्ती जुलूस निकाला

राष्ट्रीय
Spread the love

गंगटोक: 17 अक्टूबर (ए) विपक्षी दल सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) ने शनिवार को मांग की कि अंकिता भंडारी की हत्या की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच पूरी होने के बाद ही राज्य के नामित राज्यपाल दुष्यंत गौतम पदभार ग्रहण करें। पार्टी ने पीड़िता के परिवार के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए राज्य में चार स्थानों पर मोमबत्ती जुलूस निकाला।

पार्टी ने गंगटोक स्थित अपने मुख्यालय और नामची तथा ग्यालशिंग में जिला कार्यालयों के अलावा जोरथांग स्थित पार्टी कार्यालय में मोमबत्ती जुलूस निकाला।

विपक्षी दल आरोप लगाते रहे हैं कि भाजपा के वरिष्ठ नेता गौतम ही वह ‘वीआईपी’ थे, जिन्होंने 2022 में हत्या से पहले उत्तराखंड के एक होटल में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी से अनुचित मांगें की थीं।

पार्टी ने एक बयान में कहा, “एसडीएफ अंकिता के परिवार द्वारा उठाए गए अनुत्तरित सवालों की निष्पक्ष जांच की मांग करती है। पार्टी फिर दोहराती है कि दुष्यंत गौतम के सिक्किम के राज्यपाल का पदभार संभालने से पहले सीबीआई जांच पूरी हो जानी चाहिए।”

सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि अंकिता की याद में प्रत्येक स्थान पर 108 मोमबत्तियां जलाई गईं। ये मोमबत्तियां पीड़िता की याद, एकजुटता और न्याय की मांग का प्रतीक थीं।

एसडीएफ महिला मोर्चा की प्रभारी उपाध्यक्ष कोमल चामलिंग ने इससे पहले कहा था कि जांच लंबित रहने के दौरान गौतम को राज्यपाल नियुक्त करना “सिक्किम के लोगों का अपमान” है।

ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी।

इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है