अमेरिका-ईरान करार के दीर्घकालिक समझौते का रूप लेने की उम्मीद: शरीफ

अंतरराष्ट्रीय
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इस्लामाबाद: 23 जून (ए)) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ करार (एमओयू) बाद में ‘‘दीर्घकालिक समझौते’’ का रूप ले लेगा।

अमेरिका और ईरान ने पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने और क्षेत्रीय सुरक्षा व अन्य विवादित मुद्दों पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए बृहस्पतिवार को इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

शरीफ संसद को संबोधित कर रहे थे, जिसने चर्चा के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के विरोध के बावजूद 2026-27 का बजट पारित कर दिया।

शरीफ ने कहा, ‘‘हमें पूरी उम्मीद है कि अगले 60 दिन में यह एमओयू एक लंबे समय तक प्रभाव में रहने वाले समझौते में बदल जाएगा, जिससे दुनिया में शांति आएगी।’’

इस्लामाबाद एमओयू के तहत स्विस रिज़ॉर्ट ऑफ बर्गनस्टॉक में हुई हालिया उच्च-स्तरीय बातचीत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि गहन बातचीत रविवार को शुरू हुई और सोमवार को आधी रात के बाद तक चली, जिसमें अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों ने पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में जटिल मुद्दों पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि अगले 60 दिन में अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत होगी, जिसमें ईरान की परमाणु संपत्तियों, बैलिस्टिक मिसाइलों और फ्रीज की गई संपत्तियों पर चर्चा की जाएगी।

शरीफ़ ने कहा, ‘‘पाकिस्तान ने पूरी ईमानदारी से दोनों पक्षों के बीच की दूरी को कम करने की हरसंभव कोशिश की।’’ उन्होंने कहा कि सोमवार तड़के मध्यस्थों द्वारा एक संयुक्त बयान जारी किया गया।

शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता में पाकिस्तान की भूमिका को ‘महत्वपूर्ण’ और ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए इसके लिए संसद और देश को बधाई दी।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा के लिए पाकिस्तान का दौरा कर रहे हैं।

ईरान के राष्ट्रपति के तौर पर पेजेश्कियन का पाकिस्तान का यह दूसरा दौरा है। वह राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी से मिलेंगे और शरीफ के साथ बातचीत करेंगे। उप प्रधानमंत्री इशाक डार, सीनेट के चेयरमैन और नेशनल असेंबली के स्पीकर भी उनसे मिलेंगे।

अपने संबोधन में शरीफ ने विपक्ष के नेता महमूद खान अचकजई की भी आलोचना की, जिन्होंने उनके भाषण का बहिष्कार किया था।