लखनऊ: 11 अगस्त (ए) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने मंगलवार को विशेष जरूरत वाले बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने वाले विशेष शिक्षकों और ‘रिसोर्स’ शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार को उन्हें संबंधित नियमित शिक्षकों के समान वेतनमान और अन्य परिणामी सेवा लाभ प्रदान करने का निर्देश दिया।
पीठ ने आदेश के अनुपालन के लिए प्रमाणित प्रति प्रस्तुत किए जाने की तारीख से चार महीने का समय दिया।न्यायमूर्ति इरशाद अली ने यह आदेश विपिन मिश्रा सहित 24 याचिकाकर्ताओं की ओर से दाखिल याचिका स्वीकार करते हुए दिया।
याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति जिला स्तरीय चयन समितियों के माध्यम से ‘इटिनरेंट टीचर’ और ‘रिसोर्स टीचर’ के रूप में सर्व शिक्षा अभियान तथा शासनादेशों के तहत हुई थी।
