कांग्रेस की सीईसी ने करीब 30 उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगाई

राष्ट्रीय
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नयी दिल्ली: 19 मार्च (ए) कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) ने मंगलवार को विभिन्न राज्यों के करीब 30 संसदीय क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगाई।

पार्टी उम्मीदवारों की तीसरी सूची जल्द जारी हो सकती है।सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और चंडीगढ़ में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई तथा करीब 30 नामों को मंजूरी दी गई।

सूत्रों ने बताया कि सीईसी ने पश्चिम बंगाल के उत्तरी और मध्य हिस्से में आने वाली सीटों पर चर्चा की और विशेष रूप से वाम दलों के साथ गठबंधन की संभावना के मद्देनजर चर्चा की गई।

पार्टी के एक नेता ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में हम इस पर विचार कर रहे हैं कि कौन सीट कांग्रेस के लिए बेहतर है और किन सीट पर वाम दल मजबूत हैं।’’

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता वाली सीईसी की बैठक में पार्टी संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और सीईसी के कई अन्य सदस्य शामिल हुए। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बैठक में मौजूद नहीं थे।

सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने अपने दोनों वर्तमान सांसदों अधीर रंजन चौधरी और अबू हासिम खान चौधरी को फिर से उम्मीदवार बना सकती है। अधीर रंजन बहराम पुर और अबू हासिम खान मालदा दक्षिण से सांसद हैं।

कांग्रेस लोकसभा चुनाव के लिए अब तक 82 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। उसने पहली सूची में 39 और दूसरी सूची में 43 उम्मीदवार घोषित किए थे। पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची में राहुल गांधी का नाम भी शामिल था जो केरल की वायनाड लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वह वर्तमान में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी करते हैं।

कांग्रेस की उम्मीदवारों की पहली सूची में 15 उम्मीदवार सामान्य वर्ग और 24 अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के थे।

कांग्रेस उम्मीदवारों की दूसरी सूची में 10 उम्मीदवार सामान्य वर्ग से जबकि 33 प्रत्याशी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों से थे।

देश में 18वीं लोकसभा के लिए चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होंगे। इसके बाद छह और चरणों में 26 अप्रैल, 7 मई, 13 मई, 20 मई, 25 मई और एक जून को मतदान होगा। लोकसभा के 543 निर्वाचन क्षेत्रों में लगभग 97 करोड़ पंजीकृत मतदाता, 10.5 लाख मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।