जालंधर: 25 अगस्त (ए) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईएएस अधिकारी और पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) अनुराग वर्मा को धन शोधन के एक मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है।
यह मामला बिल्डरों और निजी रियल एस्टेट परियोजनाओं को फायदा पहुंचाने के लिए भू उपयोग में बदलाव से जुड़ी कथित अनियमितिताओं से संबंधित है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य के पूर्व मुख्य सचिव वर्मा को 31 अगस्त को यहां केंद्रीय एजेंसी के जोनल कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है।
वह पहले आवास और शहरी कार्य विकास विभाग के प्रमुख रह चुके हैं।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1993 बैच के अधिकारी वर्मा ने इस मामले में उन्हें भेजे गए सवाल का कोई जवाब नहीं दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि ईडी उस अधिकारी से सनटेक सिटी और ऑल्टस स्पेस बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड जैसी परियोजनाओं में लेआउट में किए गए बदलावों के बारे में समझना चाहती है।
उन्होंने कहा कि जब वह अपना बयान दर्ज कराएंगे, तो उसे धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत रिकॉर्ड किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने पंजाब की आईएएस अधिकारी और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव कंवल प्रीत बरार को 27 अगस्त को कुछ दस्तावेज जमा करने और संबंधित सवालों के जवाब देने के लिए नया समन जारी किया है।
बरार 2007 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह पिछले हफ़्ते यहां ईडी के समक्ष पेश हुई थीं।
धन शोधन का यह मामला पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी से जुड़ा है। यह प्राथमिकी भूमि उपयोग में परिवर्तन से जुड़ी किसानों की शिकायत पर दर्ज की गई थी।
ईडी ने इस मामले में मई-जून में तलाशी अभियान चलाया और जांच के तहत रियल एस्टेट कारोबारी और इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी के सचिव अजय सहगल को गिरफ्तार किया।
