नयी दिल्ली: 28 सितंबर (ए) उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में चलती बस में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए सोमवार को कहा कि ऐसी घटनाएं कानून प्रवर्तन प्राधिकारियों की व्यवस्थागत नाकामी को रेखांकित करती हैं।
न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि यह घटना 2012 के दर्दनाक निर्भया कांड की याद दिलाती है।
