दुबई: 20 जुलाई (एपी) अमेरिका ने अपने एक और सैनिक की मौत की पुष्टि के बाद सोमवार को ईरान पर एक बार फिर हवाई हमले किए। वहीं ईरान की ओर से जॉर्डन की तरफ दागी गई मिसाइल के कारण संघर्ष के पड़ोसी देश इजराइल तक फैलने का खतरा बढ़ गया है।
पिछले महीने हुए अंतरिम युद्धविराम समझौते के टूटने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर चरम पर पहुंच गया है और वे एक बार फिर पूर्ण युद्ध के करीब दिखाई दे रहे हैं। इस संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही भी काफी हद तक प्रभावित हो गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा गया है।
अमेरिकी सेना ने बताया कि शनिवार को इराक में ईरान की ओर से किए गए ड्रोन हमले में उसका एक सैनिक मारा गया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘‘हमने आज रात उन पर फिर बेहद जोरदार हमला किया है। हमने यह कार्रवाई अपने सैनिकों की मौत का बदला लेने के लिए की है।’’
इस संघर्ष में अब तक अमेरिका के 17 सैनिक मारे जा चुके हैं।
इससे पहले रविवार को अमेरिकी सेना ने कहा था कि उसने जॉर्डन में शुक्रवार को हुए हमले में सैनिकों की मौत के जवाब में ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड को निशाना बनाया।
अमेरिकी सेना ने कहा था कि इसका उद्देश्य जॉर्डन में हुए उस हमले के लिए ईरान को ‘‘तत्काल दंडित’’ करना था, जिसमें अमेरिका के दो सैनिक मारे गए, एक सैनिक लापता हो गया और चार अन्य घायल हो गए थे।
इस बीच, ब्रिटेन की सेना ने बताया कि सोमवार तड़के ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज में आग लग गई।
‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ (यूकेएमटीओ) ने इस घटना को लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।