उप्र बजट : धर्मार्थ कार्य, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने पर योगी सरकार का विशेष जोर

उत्तर प्रदेश लखनऊ
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लखनऊ: 11 फरवरी (ए)) उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा बुधवार को विधानसभा में पेश किये गये वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में धर्मार्थ कार्य, संस्कृति और पर्यटन विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

वित्‍त मंत्री सुरेश कुमार खन्‍ना ने बजट पेश करते हुए कहा कि मिर्जापुर के त्रिकोणीय क्षेत्र, मां विंध्यवासिनी मंदिर, मां अष्टभुजा मंदिर, मां काली खोह मंदिर के परिक्रमा पथ एवं जन सुविधा स्थलों को विकसित किये जाने के लिए 200 करोड़ रुपये की व्‍यवस्‍था प्रस्तावित है।खन्‍ना ने बताया कि जनोपयोगी संरक्षित मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं पुननिर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये की व्‍यवस्‍था प्रस्तावित है.

वित्‍त मंत्री ने अपने बजट भाषण में सदन को यह भी बताया कि श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या धाम तक पहुंच मार्ग परियोजना के अंतर्गत श्री राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या धाम मुख्‍य पहुंच मार्ग (रामपथ) का निर्माण कार्य पूर्ण होने वाला है.

उन्होंने कहा कि जमधरा में प्रस्तावित वैदिक वेलनेस सिटी से श्रीराम मंदिर पहुंच मार्ग के उच्चीकरण का कार्य जारी है.

मंत्री ने कहा कि काशी में वैदिक विज्ञान केंद्र के प्रथम एवं द्वितीय चरण का कार्य पूर्ण कर पठन-पाठन का कार्य शुरू हो गया है.

उन्होंने वाराणसी में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक निवास पर संग्रहालय स्थापित करने और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव बटेश्वर (आगरा) में सांस्कृतिक संकुल का निर्माण करने और प्रयागराज में निषाद राज गुहा सांस्‍कृतिक केन्‍द्र स्‍थापित करने की जानकारी सदन को दी.

खन्‍ना ने कहा कि लखनऊ के ऐशबाग में भारत रत्न बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्‍कृतिक केन्‍द्र का निर्माण कराया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि उप्र श्री अयोध्या तीर्थ विकास परिषद द्वारा अयोध्या क्षेत्र में पर्यटन अवस्थापना (बुनियादी ढांचा) विकास के लिए 150 करोड़ रुपये की व्‍यवस्‍था प्रस्तावित है.

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में जनवरी से जून तक लगभग 122 करोड़ पर्यटक प्रदेश में आये जिनमें 121 करोड़ से अधिक भारतीय पर्यटक तथा 33 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक शामिल हैं. मुख्‍यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना के लिए इस बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

खन्‍ना ने बताया कि उप्र श्री नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद द्वारा नैमिषारण्य क्षेत्र में पर्यटन अवस्थापना विकास के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित है.

उनके मुताबिक, इसके अलावा विंध्यवासिनी धाम तथा वाराणसी में पर्यटक सुविधाओं के विकास के लिए 100-100 करोड़ रुपये की व्‍यवस्‍था की गई है.