गोरखपुर: 10 सितंबर (ए) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के मोहद्दीपुर इलाके में छात्राओं की निजता भंग करने के आरोप में एक छात्रावास की वार्डन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक छात्राओं ने आरोप लगाया है कि वार्डन ने शौचालय में मोबाइल फोन छिपाकर रखा था, जिससे उनके शौचालय इस्तेमाल करने के दौरान वीडियो रिकॉर्ड किए जा सकें।पुलिस ने बताया कि शौचालय में टिन की छत के अंदर छिपाकर रखा गया मोबाइल फोन जब्त किया गया है। कथित तौर पर फोन का कैमरा चालू था और उसका रुख शौचालय की ओर था।
छात्राओं का दावा है कि फोन में कई लड़कियों के वीडियो मिले हैं और कुछ वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान वार्डन आरती सिंह ने बताया कि उन्होंने शौचालय में सैनिटरी पैड को कथित रूप से गलत तरीके से फेंकने वाली छात्राओं की पहचान करने के लिए रात करीब 10 बजे अपना फोन रिकॉर्डिंग मोड में रखा था। उन्होंने किसी दुर्भावनापूर्ण इरादे से ऐसा करने से इनकार किया है।
पुलिस अधीक्षक (नगर) निमिष पाटिल ने बताया कि छात्रावास की रहने वाली छात्राओं की ओर से दी गई लिखित शिकायत के आधार पर बुधवार शाम कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वार्डन ने छात्राओं के नहाने और शौचालय इस्तेमाल करने के दौरान उनकी रिकॉर्डिंग कर उनकी निजता का उल्लंघन किया।
पुलिस के अनुसार, इस छात्रावास में 20 कमरों में 26 छात्राएं रहती हैं, जिनमें से ज्यादातर कॉलेज की छात्राएं हैं या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं।
छात्राओं के अनुसार, आठ सितंबर की रात एक नयी छात्रा ने शौचालय में मोबाइल फोन देखा और उसका वीडियो बनाकर अन्य छात्राओं को इसकी जानकारी दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि फोन में पांच से छह छात्राओं के वीडियो मिले और करीब तीन घंटे तक रिकॉर्डिंग जारी रही।
मोबाइल फोन मिलने के बाद छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया।
पाटिल ने बताया कि पुलिस जब्त मोबाइल फोन और उसमें मौजूद सामग्री की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
