बिना ठोस सबूत के किसी काम को अनैतिक मानकर सजा नहीं दी जा सकती: उच्चतम न्यायालय
नयी दिल्ली: 25 सितंबर (ए) उच्चतम न्यायालय ने बलात्कार के मामले में 10 साल की सज़ा पाने वाले एक व्यक्ति को बरी करते हुए शुक्रवार को कहा कि सिर्फ़ किसी काम के अनैतिक होने के आधार पर, बिना ठोस सबूत के, किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां और न्यायमूर्ति अतुल एस. […]
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