विकास एवं विरासत की साझा ताकत 21वीं सदी में भारत को सबसे आगे ले जाएगी: मोदी

अयोध्या उत्तर प्रदेश
Spread the love

अयोध्या (उप्र),30 दिसंबर (ए)। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने अयोध्या के पुरातन वैभव और आधुनिक विकास कार्यों की चर्चा करते हुए शनिवार को कहा कि विकास एवं विरासत की साझा ताकत 21वीं सदी में भारत को सबसे आगे ले जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पूरी दुनिया ऐतिहासिक राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का इंतजार कर रही है।

प्रधानमंत्री ने लोगों से राम मंदिर में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ दिवस को ‘दीपावली’ के रूप में मनाने के लिए अपने घरों में विशेष दीप ‘श्री राम ज्योति’ जलाने की अपील की।

कई परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद उन्होंने कहा, ‘‘एक समय था जब राम लला यहीं अयोध्या में एक तंबू के नीचे रहते थे। आज न केवल ‘राम लला’ को पक्का घर मिला है, बल्कि देश के चार करोड़ गरीब लोगों को भी पक्का घर मिला है।”

प्रधानमंत्री शहर में एक पुनर्निर्मित रेलवे स्टेशन और एक हवाई अड्डे का उद्घाटन करने के बाद एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि “विकास” और “विरासत” की ताकत देश को आगे ले जाएगी।

सदियों से राम से जुड़ा और राम जन्मभूमि आंदोलन के बाद से आधुनिक राजनीति के केंद्र में रहा फूलों से सजा मंदिरों का शहर लोगों की निगाहों के केंद्र में था।

मोदी ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पूरी दुनिया 22 जनवरी को इस ऐतिहासिक क्षण का बेसब्री से इंतजार कर रही है। ऐसे में अयोध्यावासियों में ‘अति-उत्साह’ काफी स्वाभाविक है। भारत की मिट्टी के कण-कण और भारत के जन-जन का मैं पुजारी हूं और मैं भी आपकी तरह उतना ही उत्सुक हूं। हम सभी का ये उत्साह, ये उमंग अयोध्या की सड़कों पर भी पूरी तरह नजर आ रहा था।’’

उन्होंने कहा कि यद्यपि हर कोई 22 जनवरी को अयोध्या में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह में शामिल होने की इच्छुक है, लेकिन उस दिन केवल उन्हीं लोगों को यहां आना चाहिए, जिन्हें आमंत्रित किया गया है, जबकि अन्य लोग समारोह के बाद आ सकते हैं।

Home > प्रादेशिक > विकास एवं विरासत की साझा ताकत…..

Watermark

विकास एवं विरासत की साझा ताकत 21वीं सदी में भारत को सबसे आगे ले जाएगी: मोदी

अयोध्या (उप्र): रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने अयोध्या के पुरातन वैभव और आधुनिक विकास कार्यों की चर्चा करते हुए शनिवार को कहा कि विकास एवं विरासत की साझा ताकत 21वीं सदी में भारत को सबसे आगे ले जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पूरी दुनिया ऐतिहासिक राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का इंतजार कर रही है।

प्रधानमंत्री ने लोगों से राम मंदिर में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ दिवस को ‘दीपावली’ के रूप में मनाने के लिए अपने घरों में विशेष दीप ‘श्री राम ज्योति’ जलाने की अपील की।

कई परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद उन्होंने कहा, ‘‘एक समय था जब राम लला यहीं अयोध्या में एक तंबू के नीचे रहते थे। आज न केवल ‘राम लला’ को पक्का घर मिला है, बल्कि देश के चार करोड़ गरीब लोगों को भी पक्का घर मिला है।”

प्रधानमंत्री शहर में एक पुनर्निर्मित रेलवे स्टेशन और एक हवाई अड्डे का उद्घाटन करने के बाद एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि “विकास” और “विरासत” की ताकत देश को आगे ले जाएगी।

सदियों से राम से जुड़ा और राम जन्मभूमि आंदोलन के बाद से आधुनिक राजनीति के केंद्र में रहा फूलों से सजा मंदिरों का शहर लोगों की निगाहों के केंद्र में था।

मोदी ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पूरी दुनिया 22 जनवरी को इस ऐतिहासिक क्षण का बेसब्री से इंतजार कर रही है। ऐसे में अयोध्यावासियों में ‘अति-उत्साह’ काफी स्वाभाविक है। भारत की मिट्टी के कण-कण और भारत के जन-जन का मैं पुजारी हूं और मैं भी आपकी तरह उतना ही उत्सुक हूं। हम सभी का ये उत्साह, ये उमंग अयोध्या की सड़कों पर भी पूरी तरह नजर आ रहा था।’’

उन्होंने कहा कि यद्यपि हर कोई 22 जनवरी को अयोध्या में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह में शामिल होने की इच्छुक है, लेकिन उस दिन केवल उन्हीं लोगों को यहां आना चाहिए, जिन्हें आमंत्रित किया गया है, जबकि अन्य लोग समारोह के बाद आ सकते हैं।

इस बात पर जोर देते हुए कि देश और दुनिया भर से लोगों का अयोध्या आने का सिलसिला शुरू हो गया है और अनंत काल तक चलता रहेगा, प्रधानमंत्री ने शहर को देश में सबसे स्वच्छ बनाने का संकल्प लेने की भी अपील की।

आगामी 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा करने से पहले मोदी शनिवार को एक उत्सवपूर्ण माहौल में अयोध्या में मौजूद थे।

रैली को संबोधित करने से पहले प्रधानमंत्री ने राज्य में 15,700 करोड़ रुपये से अधिक की केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकार की 46 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस बीच शंखनाद की ध्वनि और ‘राम राम-जय जय राजाराम’ भजन से वातावरण गूंज उठा।

इसके पहले मोदी ने अयोध्या पहुंचने पर हवाई अड्डे से रेलवे स्टेशन तक एक रोड शो किया और पुनर्विकसित अयोध्या रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया तथा दो अमृत भारत एवं छह वंदे भारत रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाई।

मोदी ने अपनी कार से लोगों का अभिवादन किया और एक स्थान पर उनकी ओर हाथ हिलाने के लिए अपने वाहन का दरवाजा खोल दिया। लोगों ने फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं, भाजपा के झंडे लहराए और उनकी प्रशंसा में नारे लगाए।

इसके बाद मोदी ने अयोध्या में नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने रास्ते में सांस्कृतिक दलों का प्रदर्शन भी देखा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने शुक्रवार को कहा था कि हवाई अड्डे से रेलवे स्टेशन तक मार्ग पर 40 मंचों पर 1,400 से अधिक कलाकार लोक कला और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।

हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम रखा गया है। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की थी। महर्षि वाल्मीकि के बहुत सारे अनुयायी हैं, जिनमें विशेष रूप से दलित समुदाय के लोग शामिल हैं।

मोदी ने 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं और अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन एवं महर्षि वाल्मीकि के नाम पर बने आधुनिक अंतरराष्ट्रीय विमानतल के लोकार्पण की चर्चा करते हुए कहा, ”यहां (अभी) विकास की भव्‍यता दिख रही है तो कुछ दिन बाद यहां विरासत की भव्यता और दिव्यता दिखने वाली है।”

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ”यही विकास एवं विरासत की साझा ताकत 21वीं सदी में भारत को सबसे आगे ले जाएगी।”

मोदी ने कहा, ‘‘मोदी की गारंटी में इतनी ताकत इसलिए है क्योंकि मोदी जो कहता है, उसे पूरा करने के लिए अपना जीवन खपा देता है। दिन और रात एक कर देता है। अयोध्या नगरी इस बात की साक्षी है।’’

उन्होंने लोगों से 14 जनवरी से 22 जनवरी तक स्वच्छता अभियान चलाने की अपील करते हुए कहा कि मकर संक्रांति के दिन से स्वच्छता का एक बड़ा अभियान चलाया जाना चाहिए।

अपने संबोधन के दौरान मोदी ने भीड़ से ‘सियावर रामचंद्र’ का नारा लगवाने के साथ 30 दिसंबर को ऐतिहासिक तारीख करार देते हुए कहा कि इसी तारीख को 1943 में नेताजी (सुभाष चंद्र बोस) ने अंडमान में झंडा फहराकर आजादी का जयघोष किया था और आज इस पावन दिवस पर आजादी के अमृत काल के संकल्प को (हम) आगे बढ़ा़ रहे हैं।

मोदी ने कहा, ”अयोध्या नगरी से नयी ऊर्जा मिल रही है। आधुनिक अयोध्या को देश के नक्शे पर फिर से गौरव के साथ स्थापित करेंगे।”शनिवार को हरी झंडी दिखाई जाने वाली रेलगाड़ियों के बारे में मोदी ने कहा कि वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत रेलगाड़ियों की त्रिशक्ति भारतीय रेलवे का कायाकल्प करने जा रही है।विकास परियोजनाओं के लिए अयोध्यावासियों को बधाई देते हुए मोदी ने कहा, ”दुनिया में कोई भी देश हो, अगर उसे विकास की नयी ऊंचाई पर पहुंचना है तो उसे अपनी विरासत को सहेजना होगा।”उन्होंने कहा, ”हमारी विरासत हमें प्रेरणा देती है। हमें सही मार्ग दिखाती है, इसलिए आज का भारत पुरातन व नूतन, दोनों को आत्मसात करते आगे बढ़ रहा है।”प्रधानमंत्री ने कहा, ”आज भारत अपने तीर्थों को तो संवार ही रहा है, डिजिटल तकनीक की दुनिया में भी छाया हुआ है। आज भारत काशी विश्‍वनाथ धाम के साथ ही देश में 30 हजार पंचायत भवन भी बनवा रहा है।”उन्होंने कहा, ”हम चांद, सूरज और समुद्र की गहराइयों को नाप रहे हैं तो अपनी पौराणिक मूर्तियों को भी भारत वापस ला रहे हैं। आज के भारत का मिजाज अयोध्या में स्पष्ट दिखता है। आज यहां प्रगति का उत्‍सव है और कुछ दिन बाद यहां परंपरा का भी उत्‍सव होगा।”प्रधानमंत्री ने कहा, ”मुझे खुशी है कि अयोध्या हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। प्रभु श्री राम के अस्तित्व से महर्षि ने परिचित कराया। राम ने उनके लिए कहा था- तुम त्रिकालदर्शी मुनि नाथा– अर्थात् हे मुनि, आप त्रिकालदर्शी हैं और संपूर्ण विश्व आपके लिए हथेली पर रखे हुए बेर के समान है।”उन्होंने कहा कि त्रिकालदर्शी महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या धाम का नाम यहां आने वाले हर यात्री को धन्य करेगा।मोदी ने कहा, ”प्राचीन काल में अयोध्या का वर्णन महर्षि वाल्मीकि ने विस्तार से किया है। वाल्मीकि जी बताते हैं कि महान अयोध्या पुरी धन धान्य से परिपूर्ण व आनंद से भरी हुई थी। अयोध्या में विज्ञान व वैराग्‍य तो था ही, उसका वैभव शिखर पर था।”मोदी ने कहा, ”आने वाले समय में अयोध्या नगरी, अवध क्षेत्र ही नहीं पूरे उत्तर प्रदेश के विकास को दिशा देने वाली है।सभा को उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने भी संबोधित किया। सभा में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक भी मौजूद थे।