कोलकाता: तीन अगस्त (ए) पश्चिम बंगाल पुलिस ने सोमवार को जैश-ए-मोहम्मद के कथित गुर्गे हमीम मंडल के एक कथित सहयोगी को सोमवार को गिरफ्तार किया और राज्य में मंत्रियों, उनके रिश्तेदारों तथा अन्य रसूखदार लोगों को निशाना बनाने वाले पाकिस्तान से जुड़े ‘हनीट्रैप’ नेटवर्क का खुलासा किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
हावड़ा के बेलिलियस रोड से आदित्य सिंह की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।
अधिकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने यह कार्रवाई मंडल और उसके कथित सहयोगी अर्पिता सरकार से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर की।
मंडल को 30 जुलाई को बर्धमान शहर स्थित उसके किराए के फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था, जबकि सरकार को पिछले शुक्रवार को झारखंड के साहिबगंज से पकड़ा गया था।
एसटीएफ के एक अधिकारी ने कहा, “आदित्य सिंह की गिरफ्तारी जांच के दौरान मिली गुप्त जानकारियों के आधार पर की गई है। अब हमारा ध्यान इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने पर है। इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।”
जांचकर्ताओं को संदेह है कि आदित्य एक ऑनलाइन गेमिंग मंच के जरिए मंडल के संपर्क में आया और बाद में इस कथित साजिश में शामिल हो गया।
एसटीएफ के एक अधिकारी के अनुसार, मंडल ने कथित तौर पर सिंह को शहरी विकास राज्य मंत्री उमेश राय और उनके बेटे पर नजर रखने का काम सौंपा था।
अधिकारी ने कहा, “सिंह पर संदेह है कि उसने मंत्री और उनके बेटे के बारे में जानकारी जुटाई और उसे मंडल के साथ साझा की। हम इसकी जांच कर रहे हैं कि क्या वे मंत्री को निशाना बनाने की साजिश बना रहे थे।”
उन्होंने बताया कि सिंह ने राय की गतिविधियों की तस्वीरें खींची थीं और उन्हें मंडल तक पहुंचाया था।
राय ने हाल में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि एक व्यक्ति ने उन्हें फोन करके “पाकिस्तानी एजेंसी” से संबंध होने का दावा करते हुए रंगदारी मांगी थी और उनके बेटे के अपहरण की धमकी दी थी।
मंत्री ने पुलिस को यह भी बताया था कि कॉल करने वाले व्यक्ति ने उन्हें भाजपा कार्यालय की तस्वीरें भेजी थीं और परिसर पर हमले की चेतावनी दी थी।
जांच आगे बढ़ने के दौरान जांचकर्ताओं को एक ऐसे सीमा पार ‘हनीट्रैप’ मॉड्यूल का पता चला, जिसके पाकिस्तान में मौजूद गैंगस्टर शहजाद भट्टी के सिंडिकेट और कथित आतंकी सहयोगियों से जुड़े होने का संदेह है।
एसटीएफ अधिकारी ने कहा कि इस नेटवर्क का उद्देश्य पश्चिम बंगाल के प्रभावशाली लोगों को फंसाने के लिए इच्छुक मॉडल और सोशल मीडिया पर सक्रिय युवा महिलाओं को शामिल करना था।
उन्होंने यह भी कहा कि जांचकर्ता उन खुफिया सूचनाओं की जांच कर रहे हैं, जिनमें संकेत दिया गया है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत कम से कम छह मंत्री और उनके परिवार के सदस्यों को संभावित निशाने के रूप में चिन्हित किया गया था।
जांच में पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी का करीबी सहयोगी आबिद जाट भी जांच के दायरे में आ गया है।
अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ता यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या आरोपी स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले किसी आतंकवादी गतिविधि की साजिश कर रहे थे और वे कथित नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की पहचान करने के लिए काम कर रहे हैं।