बलिया (उप्र): तीन अक्टूबर (ए) बलिया में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक स्थानीय महिला नेता ने पार्टी के जिलाध्यक्ष संजय मिश्र पर उसके साथ कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि व्हाट्सऐप पर उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक किए जाने से संबंधित शिकायत से मिश्र का नाम हटा दिया गया था। इस बीच, एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मिश्र ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है।
महिला ने 28 सितंबर को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की अदालत में हलफनामा देकर ये आरोप लगाए। पुलिस ने कहा कि उसे हलफनामा मिल गया है और आरोपों की जांच की जा रही है।
बांसडीह के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) जय शंकर मिश्र ने कहा कि पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था और शिकायत में बदलाव किए जाने का आरोप सही नहीं है।
उन्होंने शनिवार को ‘ कहा, ‘‘हलफनामा मिल गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान मिले सबूतों और तथ्यों के आधार पर जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’
पुलिस के अनुसार, बांसडीह कोतवाली थाना क्षेत्र की 35 वर्षीय महिला की शिकायत पर 15 सितंबर को भाजपा के जिला मंत्री आलोक सिंह, गणेश गुप्ता और अजीत मिश्रा के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने व्हाट्सऐप पर उसका निजी वीडियो प्रसारित किया, जिससे उसकी निजता, सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
बाद में दिए गए हलफनामे में महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसका बयान दर्ज नहीं किया था और इसलिए वह अपना लिखित बयान अदालत के समक्ष दे रही हैं ताकि इसे जांच में शामिल किया जा सके।
महिला ने आरोप लगाया कि आलोक सिंह को भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र का संरक्षण प्राप्त है और संजय मिश्र समेत आरोपियों ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।
उसने यह भी आरोप लगाया कि उसने शुरुआत में बांसडीह पुलिस को दी गई विस्तृत शिकायत में भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम लिया था, लेकिन उस पर दूसरी शिकायत देने का दबाव बनाया गया, जिसके बाद संजय मिश्र का नाम हटा दिया गया और अपेक्षाकृत कम गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
महिला ने आरोप लगाया कि उसे धमकियों और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा और एक समय उसने आत्महत्या करने के बारे में भी सोचा था, लेकिन बाद में मामले को आगे बढ़ाने का फैसला किया।
हालांकि, पुलिस क्षेत्राधिकारी ने इस आरोप को खारिज किया कि पुलिस ने महिला की शिकायत में कोई बदलाव किया था। उन्होंने कहा कि मामला महिला की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर ही दर्ज किया गया था।
संजय मिश्र ने आरोपों को बेबुनियाद और उनकी छवि खराब करने की साजिश बताते हुए इनका खंडन किया।
संजय मिश्र ने ‘ कहा, ‘‘महिला को गुमराह करके ये आरोप लगवाए गए हैं। जांच के दौरान सच्चाई सामने आ जाएगी। अगर मैंने कुछ गलत किया है तो मैं किसी भी सजा का सामना करने के लिए तैयार हूं।’’
उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मामले की जानकारी दे दी है और आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
संजय मिश्र ने यह भी कहा कि महिला भाजपा की जिला कार्यकारिणी की सदस्य है और उन्होंने दावा किया कि वह भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष बनना चाहती थीं।
