लखनऊ, एक नवंबर (ए) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए रविवार को आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले राम नगरी उपेक्षा, अव्यवस्था और तुष्टीकरण का दंश झेलने को विवश थी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अयोध्या की पुरानी और मौजूदा तस्वीरों का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या सभ्यता की जन्मभूमि, संस्कृति की प्राणधारा और आस्था की शाश्वत ज्योति है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले इस दिव्य नगरी में श्रद्धालुओं की यात्रा कठिन थी, नगर की व्यवस्थाएं जर्जर थीं और स्थानीय परिवारों के लिए विकास की संभावनाएं सीमित थीं।
आदित्यनाथ ने कहा, ”भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर से लेकर राम पथ, धर्म पथ, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आधुनिक रेलवे स्टेशन तक, हर निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा और राम नगरी के गौरव से जुड़ा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बदलाव का लाभ अयोध्या के लोगों तक पहुंच रहा है। बढ़ता पर्यटन व्यापार को मजबूती दे रहा है, नए अवसर युवाओं को रोजगार से जोड़ रहे हैं और स्थानीय परिवार समृद्धि की नयी उम्मीदें संजो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ”कभी विकास की प्रतीक्षा करती अयोध्या आज अपनी विरासत के साथ प्रगति का नया अध्याय लिख रही है। असंख्य सनातनियों की आस्था, अस्मिता और आराधना का यह केंद्र आज ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करते हुए सांस्कृतिक चेतना और समृद्धि का उज्ज्वल प्रतीक बन गया है।”
