ब्लिंकिट, जेप्टो समेत 105 प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित, सात की बंदी के आदेश

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मुंबई: छह नवंबर (ए) महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने दिवाली से पहले विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान कई अनियमितताएं पाए जाने पर क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट और जेप्टो से जुड़े कारोबार सहित 105 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इसके अलावा सात प्रतिष्ठानों को बंद करने का आदेश दिया गया है।शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, एफडीए की यह कार्रवाई चार और पांच नवंबर को पूरे महाराष्ट्र में की गई।

बयान के मुताबिक, निलंबित किए गए 105 लाइसेंसों में नासिक मंडल के 39, मुंबई के 28, पुणे के 20, अमरावती के 15, छत्रपति संभाजीनगर के दो और ठाणे का एक लाइसेंस शामिल है।

इसके अलावा पुणे के तीन, अमरावती के दो तथा मुंबई और कोंकण मंडल के एक-एक समेत कुल सात प्रतिष्ठानों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा नियामक ने बताया कि लाइसेंस निलंबित किए गए प्रतिष्ठानों में मुंबई की ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड और जेप्टो लिमिटेड के अलावा मिठाई की दुकानें, होटल, रेस्तरां और कैटरिंग प्रतिष्ठान शामिल हैं।

निरीक्षण अभियान के दौरान अस्वच्छ विनिर्माण एवं भंडारण व्यवस्था, खाद्य पदार्थों को संभालने और पैक करने में लापरवाही, कीट नियंत्रण की व्यवस्था नहीं होने, तापमान नियंत्रित रखने के इंतजाम के अभाव तथा अनिवार्य रिकॉर्ड और प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होने जैसी अनियमितताएं पाई गईं।

एफडीए ने दो दिन के इस अभियान में 70 से अधिक प्रतिष्ठानों से 1.35 करोड़ रुपये मूल्य के 39,485.42 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किए। जब्त सामग्री में मावा, खोया, पनीर, घी, खाद्य तेल, फरसाण (पारंपरिक नमकीन), सूखे मेवे और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां शामिल थीं।

प्रशासन ने तीन स्थानों से प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला भी जब्त किया, जिनकी कीमत 7.96 लाख रुपये थी। जब्ती के इन मामलों में तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा दो वाहन जब्त किए गए और दो प्रतिष्ठानों को सील किया गया।

बंद करने का आदेश दिए गए प्रतिष्ठानों में मुंबई का राजधानी बिरयानी सेंटर, ठाणे जिले के भिवंडी में आराधना ड्राईफ्रूट स्वीट्स और पुणे के तीन खाद्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। इससे पहले

एफडीए ने सोमवार को एक सरकारी बयान में कहा था कि राज्य के सात मंडलों में 114 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 3.53 लाख किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी कीमत 9.01 करोड़ रुपये है।

बयान के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर में पतंजलि आयुर्वेद के सुपर डिस्ट्रीब्यूटर मेसर्स दिव्य महावितरक से 20.20 लाख रुपये मूल्य का 2,279.7 लीटर पतंजलि गाय का घी जब्त किया गया। इस घी की लेबलिंग गलत होने और इसमें मिलावट का संदेह है।

एफडीए ने बताया कि घी की कुल 4,032 इकाइयां जब्त की गईं। इनमें 12.29 लाख रुपये मूल्य की 1,349.1 लीटर की 2,998 इकाइयां और 7.91 लाख रुपये मूल्य की 930.6 लीटर की 1,034 इकाइयां शामिल हैं। शुरुआती जांच में इस भंडार को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पाया गया।

एफडीए ने मुंबई, अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर मंडलों में नमकीन, मिठाई और मसाला बनाने वाली इकाइयों सहित 19 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और पंजीकरण गंभीर स्वच्छता संबंधी खामियों तथा खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण निलंबित किए।

इन खामियों में अस्वच्छ परिस्थितियों में काम करना, खाद्य पदार्थों का अनुचित भंडारण, कीट नियंत्रण और सफाई का रिकॉर्ड नहीं रखना, अनिवार्य दस्तावेजों का रखरखाव नहीं करना तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करना शामिल है।

बयान के मुताबिक, ठाणे जिले के भिवंडी में एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड से 1,44,218 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया। वहीं, सतारा में अमीन ट्रेडर्स से 20,560 किलोग्राम चावल, दाल, गुड़ और अन्य खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। पुणे मंडल में सतारा स्थित स्वाति ऑयल मिल्स और सोलापुर के एसजी ट्रेडर्स से भी खाद्य तेल जब्त किया गया।

एफडीए ने बताया कि 28 से 31 अक्टूबर के बीच 17 प्रतिष्ठानों से 79.40 लाख रुपये मूल्य के प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। इस दौरान 13 प्राथमिकी दर्ज की गईं, 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया, सात प्रतिष्ठानों को सील किया गया और छह वाहन जब्त किए गए।

खाद्य एजेंसी ने नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर मंडलों में 34 होटल, रेस्तरां और ढाबों का भी निरीक्षण किया। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी खामियों के लिए 29 सुधार नोटिस जारी किए गए। एफडीए ने कहा कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों के तहत की गई।

बयान के मुताबिक, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने टाटा 1एमजी मरीन कोलेजन पाउडर की लेबलिंग और विज्ञापन में कथित उल्लंघन को लेकर टाटा 1एमजी हेल्थकेयर सॉल्यूशंस, एसीएफओ फार्मास्यूटिकल्स, अमेजन सेलर सर्विसेज और फ्लिपकार्ट इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन कंपनियों को 30 दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।